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सवर्णों को आरक्षणः झारखंड में करीब 42.25 लाख सवर्ण, सालाना आठ लाख से कम आमदनीवाले को मिलेगा लाभ

शिक्षा और सरकारी नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण

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Ranchi: केंद्रीय कैबिनेट ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया है. मोदी सरकार ने सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण आर्थिक आधार पर देने का निर्णय लिया है. इसमें कहा गया है कि सालाना आठ लाख से कम आमदनीवाले सवर्णों को आरक्षण मिलेगा. आरक्षण सरकारी नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में दिया जाएगा. झारखंड में करीब 13 फीसदी आबादी सवर्ण है. इसमें करीब 42.25 लाख लोग आते हैं. आगामी चुनाव में इस फैसले का असर साफ तौर से देखा जा सकता है.

फिलहाल झारखंड में 50 फीसदी है आरक्षण

झारखंड में फिलहाल 50 फीसदी आरक्षण है. इसमें एसटी को 26 फीसदी, एससी को 10 फीसदी, वहीं ओबीसी में बीसी वन को आठ फीसदी और बीसी टू को छह फीसदी आरक्षण का लाभ मिल रहा है. वहीं दिव्यांगों को क्षैतिज आधार पर आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान है.

झारखंड में जातियों का प्रतिशत

झारखंड में 26-27 फीसदी एसटी हैं. 10 फीसदी संख्या एससी की है. 50 फीसदी ओबीसी की संख्या है. जबकि स्वर्णों की संख्या 12-13 फीसदी है. राज्य की जनसंख्या करीब सवा तीन करोड़ है. इस हिसाब से सवर्णों की संख्या करीब 42.25 लाख है.

मोदी का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है

केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले मास्टरस्ट्रोक खेला है. मोदी सरकार ने फैसला लिया है कि वह सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देगी. सोमवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर मुहर लगाई गई. कैबिनेट ने फैसला लिया है कि यह आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिया जाएगा. आरक्षण का लाभ सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में मिलेगा. बताया जा रहा है कि आरक्षण का फॉर्मूला 50%+10 % का होगा. सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में मंगलवार को मोदी सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने संबंधी बिल पेश कर सकती है. सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार संविधान में संशोधन के लिए बिल ला सकती है. इसके तहत आर्थिक आधार पर सभी धर्मों के सवर्णों को दिया जाएगा आरक्षण. इसके लिए संविधान के अनुच्छेयद 15 और 16 में संशोधन होगा.

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