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भारत बंद का पलामू-लातेहार में रहा मिलाजुला असर,  कई घंटे तक जाम रही सड़कें

 

Palamu/Latehar : संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केंद्र सरकार की तीन कृषि कानूनों के खिलाफ भारत बंद का पलामू लातेहार में मिला जुला असर देखने को मिला. दोपहर 12 बजे तक बंद समर्थक सड़कों पर डटे रहे. कुछ बंद समर्थकों को हिरासत में लिया और दोपहर 1 बजे छोड़ दिया गया.

बंद को सफल बनाने के लिए भाकपा माले, भाकपा, एटक, इप्टा, एआईएसएफ, आप एवं अन्य वामपंथी संगठन के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. वाहनों के आड़ा टेड़ा रोक दिए जाने से एनएच 39 एवं 98 पर कई घंटे तक आवागमन ठप रहा. स्टेट हाइवे पर भी वाहनों को रोका गया. बाजार को भी बंद कराने की कोशिश की गयी.

पलामू ज़िला मुख्यालय में सुबह 6 बजे से ही बंद कराने वाले सड़क पर आ गए थे. सबसे पहले छहमुहान के सभी रास्तों को ट्रक खड़ा कर जाम कर दिया गया. इसके बाद गढ़वा-मेदिनीनगर जाने वाली सड़क को सद्दीक मंजिल चौक पर जाम कर दिया गया. रेड़मा चौक को जाम कर रांची रोड में वाहनों के परिचालन को रोक दिया गया. इससे एनएच 39 पर वाहनों का परिचालन प्रभावित हुआ. बंद को देखते हुए एहतियातन स्कूलों में छुट्टी कर दी गयी थी. बंद का रेलवे पर कोई असर नहीं देखा गया. हालांकि आपात स्थिति से निपटने के लिए जीआरपी और आरपीएफ को तैनात किया गया था.

सुबह के समय भाकपा कार्यकर्ता रेड़मा स्थित जिला कार्यालय से प्रदर्शन करते हुए छहमुहान पहुंचे. इसी तरह साहित्य समाज चौक के पास भी प्रदर्शन किया गया.

झामुमो के जिला अध्यक्ष राजेन्द्र सिन्हा और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू के नेतृत्व में भी कार्यकर्ता छहमुहान पहुंचकर बंदी को सफल बनाया. इस बीच रूक रूक कर कार्यकर्ता बाजार एरिया में भी पहुंच रहे थे और बंद करा रहे थे.

पूर्वाहन 11 बजते बजते छहमुहान, सद्वीक चौक आदि इलाकों से जाम हटा लिया गया था, लेकिन रेड़मा में एटक कार्यकर्ता जमे हुए थे. दोपहर करीब 12 बजे रेड़मा चौक से राजीव कुमार सहित अन्य एटक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. इसके बाद यहां से भी फंसे वाहनों को हटाया गया. दोपहर 1 बजे से पूरे शहर में स्थिति सामान्य हो गयी. कई दुकानें भी खुली. हालांकि बाजार में भीड़-भाड़ आम दिनों की अपेक्षा काफी कम रही.

 

लातेहार में दिखा आंशिक असर, बरवाडीह में कांग्रेस, झामुमो और राजद कार्यकर्ता नहीं दिखे

भारत बंद का लातेहार जिले के सभी प्रखंडों में भी मिला जुला असर देखा गया. बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय में संयुक्त ग्राम सभा और भाकपा माले के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर बंद को सफल बनाने का प्रयास किया. केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए. अंबेडकर चौक पर बरवाडीह-डालटनगज मार्ग को लगभग 1 घंटे तक जाम रखा.

सड़क जाम को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश सहाय, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलु लोहरा और थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों को समझाया. कन्हाई सिंह से वार्ता कर सड़क से जाम हटाने की अपील की. बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने. इस बीच पुलिस के साथ थोड़ी नोकझोंक भी हुई. बाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर थाना प्रभारी श्रीनिवास सिंह ने कन्हाई सिंह, भाकपा माले के सचिव राजेंद्र सिंह, जिला कमेटी सदस्य कमलेश सिंह, मंजू देवी, झामुमो महिला अध्यक्ष आरती देवी समेत अन्य बंद समर्थकों को हिरासत में ले लिया और थाने ले आए. इसके बाद वाहनों का परिचालन सामान्य हुआ और सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुले.

उधर, प्रखंड मुख्यालय में बंद के समर्थन में कहीं भी कांग्रेस, झामुमो और राजद के नेता नहीं देखे गए, जो चर्चा का विषय बना हुआ था. वहीं हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को 4 घंटे के बाद निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया.

 

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