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झारखंड के कई जिलों में नक्सली कर सकते हैं चुनाव प्रचार को बाधित, बना सकते हैं प्रत्याशियों को बंधक

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Ranchi : नक्सली संगठनों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार को लेकर पहले ही घोषणा कर दी है. जानकारी के अनुसार पलामू , दुमका, चतरा, धनबाद, गिरिडीह और खूंटी में नक्सली संगठन चुनाव के प्रचार-प्रसार में बाधा पहुंचा सकते हैं. साथ ही चुनावी मैदान में खड़े प्रत्याशियों को बंधक भी बना सकते हैं. एक तरफ जहां नक्सली संगठन चुनाव के बहिष्कार में लगे हुए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ झारखंड पुलिस भी नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है.

नक्सलियों ने की है चुनाव बहिष्कार की घोषणा

हर बार की तरह इस बार भी लोकसभा चुनाव में नक्सली संगठन लोकसभा चुनाव बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है. लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही नक्सलियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है.

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जहां लगातार नक्सली और पुलिस आमने सामने हो रहे हैं, तो वहीं नक्सलियों के द्वारा सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से छुपा कर रखे गये जंगलों से विस्फोटकों को पुलिस लगातार बरामद कर रही है. गौरतलब है कि नक्सली संगठन प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बहुत पहले ही चुनाव के बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं.

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कई लोकसभा क्षेत्रों में अभी भी है नक्सलियों का प्रभाव

झारखंड पुलिस के द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन के बावजूद भी कई ऐसे लोकसभा क्षेत्र हैं जहां पर अभी भी नक्सलियों का प्रभाव है.ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरन नक्सली इन इलाकों में किसी घटना को अंजाम देने की कोशिश जरूर करेंगे. ऐसे क्षेत्रों में नक्सलियों से निपटना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है.

भारी संख्या में सुरक्षाबलों की होगी तैनाती

लोकसभा चुनाव को सफल बनाने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती होगी. चुनाव के दौरान जैप, जगुआर, आईटीबीपी, आईआरबी और सीआरपीएफ की 600 कंपनियां तैनात की जाएंगी. 200 कंपनी पारा मिलिट्री फोर्स नक्सल प्रभाव वाली बूथों व संवेदनशील इलाकों में तैनात की जाएगी. चुनाव के दौरान 30 प्रतिशत बलों को अतिसंवेदनशील बूथों पर तैनात किया जाएगा. 25 फीसदी बलों की तैनाती संवेदनशील जबकि बाकि बलों की तैनाती समान्य बूथों पर की जाएगी.

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झारखंड के इन जिलों में है सक्रिय माओवादियों का दस्ता

गढ़वा, लातेहार व गुमला के सीमावर्ती क्षेत्र में विमल यादव और बुद्धेश्वर यादव का दस्ता सक्रिय है.

चाईबासा, सरायकेला, छोटानागपुर और गोयलकेरा में माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य व एक करोड़ का इनामी किशन दा उर्फ प्रशांत बोस, अनमोल उर्फ समर जी, मेहनत उर्फ मोछू, चमन उर्फ लंबू, सुरेश मुंडा व जीवन कंडुलना का दस्ता सक्रिय है. गिरिडीह-जमुई और कोडरमा-नवादा बॉर्डर पर सैक सदस्य करुणा, पिंटू राणा व सिंधू कोड़ा का दस्ता सक्रिय है.

हजारीबाग-चतरा-गया बॉर्डर पर माओवादी रिजनल कमेटी सदस्य इंदल गंझू और आलोक का दस्ता सक्रिय है.

बोकारो जिला के बेरमो अनुमंडल के नक्सल प्रभावित चतरोचट्टी और जगेश्वर बिहार थाना के जंगली क्षेत्र में एक करोड़ का इनामी माओवादी नेता मिथिलेश सिंह दस्ता सक्रिय है.

औरंगाबाद, पलामू, गया, चतरा बॉर्डर पर सैक सदस्य संदीप दस्ता, संजीत और विवेक का दस्ता सक्रिय है.

इसके अलावा घाटशिला, पटंबा, पुरुलिया सीमा पर माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य असीम मंडल और मदन का दस्ता सक्रिय है.

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