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#Jharkhand_Police की बढ़ती सख्ती से बौखलाये नक्सलीः दहशत फैलाने के लिए कर रहे ग्रामीणों की हत्या

Ranchi: झारखंड पुलिस की बढ़ती सख्ती की वजह से नक्सलियों की बौखलाहट बढ़ गई है. लॉकडाउन में नक्सली ग्रामीणों की हत्या कर रहे है. लॉकडाउन के दौरान नक्सली राज्य के अलग-अलग जिले में पुलिस का मुखबिर बताकर चार ग्रामीणों की हत्या कर दी. दहशत फैलाने के उद्देश्य से नक्सलियों के द्वारा ग्रामीणों की हत्या की जा रही है.

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लॉकडाउन में लेवी नहीं मिलने से नक्सलियों की बढ़ी बौखलाहट

लॉकडाउन के कारण झारखंड में भाकपा माओवादियों को लेवी नहीं मिल रहा,ऐसे में आर्थिक तौर पर नक्सलियों की कमर टूट गई है. भाकपा माओवादी लेवी नहीं मिलने के कारण वाहनों में आगजनी की घटना को अंजाम दे रहे हैं.

लॉकडाउन में लेवी नहीं मिलने पर नक्सलियों ने कई ठेकेदारों, सरकारी निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को फरमान भी जारी किया है. यही वजह भी है कि माओवादी वारदातों में लॉकडाउन के बाद भी औसत गिरावट नहीं आया है.

नक्सलियों पर भारी पड़ रही झारखंड पुलिस

वर्ष 2020 झारखंड पुलिस के लिए अब तक अच्छा माना जा रहा है. इस वर्ष अब तक पुलिस और नक्सली पांच बार आमने-सामने हुए, लेकिन हर वक्त पुलिस ही नक्सलियों पर भारी पड़ी. पिछले साल की तुलना में पुलिस की स्थिति इस वर्ष अच्छी दिख रही है.

पिछले वर्ष नक्सलियों ने पुलिस के ऊपर सुनियोजित तरीके से कई हमले किये जिनमें अलग-अलग घटनाओं में 14 जवान शहीद हो गये थे. इस साल में अबतक की बात करें तो झारखंड पुलिस ने मुठभेड़ में चार नक्सलियों को मार गिराया है.

मारे गए उग्रवादियों में एरिया कमांडर दीनू उरांव, सोना मांझी, सुनिका चांपिया, शांति पूर्ति शामिल हैं. पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, बीते साल 26 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे. वहीं नक्सल हिंसा में नौ लोग मारे गए हैं.

इस साल अब तक 17 बड़े नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है. वहीं सात नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है. बीते साल पुलिस ने 24 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया था. वहीं 2018 में 63, और 2017 में 57 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया था. साल 2019 में 12 जबकि 2018 में 16 उग्रवादियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था.

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लॉकडाउन में नक्सली कर रहे ग्रामीण की हत्या

24 मई 2020: सरायकेला जिले के खरसावां थाना क्षेत्र में पति-पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. मृतक की  पहचान मंगल सरदार और उसकी पत्नी लखमिनी सरदार के रूप में हुई है. दोनों की हत्या नक्सलियों ने पुलिस की मुखबिरी का आरोप लगाकर कर दी.

20 अप्रैल 2020: चाईबासा के सोनुवा थाना क्षेत्र के कुईड़ा गांव के पास भालूरुंगी निवासी राजकिशोर नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी. नक्सलियों ने शव के निकट पर्चा फेंक कर घटना की जिम्मेवारी ली और मृतक पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया था.

28 मार्च 2020: चाईबासा जिले के हरता पंचायत के गुंडरी गांव के ग्राम मुंडा नयमन बूढ़ की पुलिस मुखबिरी के आरोप में नक्सलियों ने गला रेतकर हत्या कर दी थी.

11 मार्च 2020: गोमिया प्रखंड के चतरोचट्टी में माओवादी कमांडर मिथिलेश सिंह ने अपने दस्ते के साथ चैयाटांड़ व कुरकुटिया गांव के सैकड़ों लोगों के बीच जन अदालत लगायी. इस अदालत में पंचायत समिति के सदस्य राजू की भरी पंचायत में जमकर पिटाई करते हुए पूछताछ की गयी. नक्सलियों ने राजू महतो को झारखंड छोड़कर चले जाने की चेतावनी देते हुए छोड़ दिया. उसकी पिटाई भी पुलिस मुखबिरी के आरोप में की गयी थी.

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