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झारखंड में अपने संगठन को दोबारा मजबूत करने के लिए फिर से सक्रिय हो रहे नक्सली

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  • बड़ी घटना को अंजाम देने की बना रहे हैं योजना

Ranchi : हाल के वर्षों नक्सली झारखंड में कमजोर हुए अपने संगठन को दोबारा मजबूत करने के लिए फिर से सक्रिय हो रहे हैं. पिछले एक महीने के अंदर जिस तरह से नक्सलियों की सक्रियता बढ़ी है, उससे साफ जाहिर हो रहा है कि नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, नक्सली अपने संगठन को दोबारा मजबूत करने के इरादे से झारखंड के क्षेत्रों में अपने पुराने सहयोगियों से संपर्क करना शुरू कर रहे हैं. पिछले 18 दिनों के दौरान नक्सलियों और पुलिस के बीच पांच मुठभेड़ें हो चुकी हैं. इन मुठभेड़ों में नक्सलियों को काफी नुकसान भी सहना पड़ा है.

लगातार दे रहे वारदातों को अंजाम

एक ओर पुलिस नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज करने और उन्हें आर्थिक क्षति पहुंचाने की कवायद कर रही है, वहीं नक्सली भी अब टूट चुके संगठन को फिर से संगठित करने के लिए लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. इसके पीछे नक्सलियों का मुख्‍य मकसद लेवी वसूलना है, ताकि लेवी के पैसे से वे फिर से संगठन को खड़ा कर सकें.

पिछले 18 सालों में मारे गये 846 नक्‍सली

वर्ष 2001 से 2018 तक जहां पुलिस की कार्रवाई में 846 नक्‍सली मारे गये हैं, वहीं इन 18 सालों में 1778 आम लोगों की जान नक्‍सलियों के हमलों में चली गयी. पिछले 18 वर्षों में झारखंड में कई बड़े नक्सली हमले हुए हैं. वहीं, वर्ष 2001 से लेकर 2018 तक पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जहां 5,688 नक्‍सली हमलों और घटनाओं में अब तक 510 पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं.

पिछले 18 दिनों के दौरान नक्सलियों को उठाना पड़ा है काफी नुकसान

पिछले 18 दिनों के आंकड़ों को देखें, तो नक्सलियों को इस दौरान पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है. 13 जनवरी को हार्डकोर नक्सली 10 लाख का इनामी ताला दा शिकारीपाड़ा के छातुपड़ा जंगल में मारा गया और एके 47 बरामद किया गया. नौ जनवरी को गिरिडीह के पीरटांड़ और खुखरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने विस्फोटक के साथ दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया. चार जनवरी को चतरा के कुरखेता जंगल में हुई मुठभेड़ में जहां पुलिस ने एक नक्सली को मार गिराया, वहीं आलोक दस्ता के सक्रिय सदस्य अजय यादव को रायफल के साथ गिरफ्तार किया. 11 जनवरी को लातेहार के गारू थाना पुलिस और सीआरपीएफ 214वीं बटालियन के जवानों ने छापामारी अभियान चलाकर पीरी जंगल से बोरे में पैक नौ किलोग्राम विस्फोटक पाउडर, 30 हैंड ग्रेनेड, थ्री नॉट थ्री की 200 जीवित गोलियां, 7.65 एमएम की 55 जीवित गोलियां, हैंड ग्रेनेड बनाने का 60 पीस तिकोना आकार का कैप, 75 पीस लंबा पाइप व 140 पीस बैकसाइड पैकिंग के सामान बरामद किये गये. सात जनवरी को गिरिडीह की पुलिस ने भेलवाघाटी थाना की पुलिस और सीआरपीएफ बी7 बटालियन ने सर्च ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया. इस दौरान नौ पैकेट विस्फोटक, एक केन बम, नक्सली साहित्य, वर्दी, नक्सली पिट्ठू, डेटोनेटर, मोबाइल, तार सहित कई सामान बरामद किये गये. हार्डकोर नक्सली दारोगी यादव को भी गिरफ्तार किया.

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पिछले 18 दिनों के अंदर पांच मुठभेड़

  • दो जनवरी को बोकारो में पुलिस और नक्सली मिथिलेश के दस्ते के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ गोमिया के रजाबेड़वा जंगल में हुई. इस दौरान सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख नक्सली मौके से भाग निकले. सुरक्षा बलों ने मौके से पिट्ठू और रोजमर्रा के सामान बरामद किये थे.
  • चार जनवरी को चतरा के जोड़ी थाना क्षेत्र के कुरखेता जंगल में जोनल कमांडर आलोक के दस्ते और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया. एक नक्सली को गिरफ्तार किया गया था.
  • 12 जनवरी को गिरिडीह मधुवन थाना क्षेत्र के कुबरी जंगल में सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान नक्सली घने जंगलों का सहारा लेकर भाग निकले.
  • 13 जनवरी को दुमका के शिकारीपाड़ा स्थित छातुपाड़ा जंगल में सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ में हार्डकोर नक्सली सहदेव राय उर्फ ताला दा मारा गया, वहीं पुलिसवालों ने एक अन्य नक्सली को पकड़ लिया. इस मुठभेड़ में चार और नक्सलियों को पुलिस की गोली लगी थी.
  • 16 जनवरी को सरायकेला के कुचाई थाना क्षेत्र की बदानी पहाड़ी के लूदूबेड़ा जंगल में नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में कोबरा बटालियन का एक जवान घायल हो गया थे.

धनबाद, रामगढ़ और कोडरमा को नक्सलमुक्त जिला घोषित किया जायेगा

झारखंड के धनबाद, रामगढ़ और कोडरमा जिलों को जल्द ही नक्सलमुक्त घोषित किया जायेगा. झारखंड सरकार के गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित कमिटी ने धनबाद, रामगढ़ और कोडरमा जिले को केंद्र सरकार की सिक्यूरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर यानी एसआरई स्कीम से बाहर करने का फैसला लिया है. देशभर के नक्सल प्रभावित जिलों में केंद्र सरकार की ओर से विशेष अभियान चलाने और सूचनाओं के संग्रह के लिए सिक्यूरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर स्कीम चलायी जाती है. झारखंड के इन तीन जिलों में हाल में नक्सल वारदात नहीं हुई है. इन जिलों में नक्सली गतिविधियों पर भी लगाम लगी है. ऐसे में इन तीन जिलों को नक्सलमुक्त घोषित किया जायेगा.

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