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पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर नक्सली ग्रामीणों की कर रहे पिटाई, ले रहे जान

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Saurav Singh

Ranchi: झारखंड के चाईबासा में 28 मार्च को नक्सलियों ने पुलिस का मुखबिर बताकर ग्राम मुंडा की हत्या कर दी. इससे पहले बोकारो के गोमिया प्रखंड में 11 मार्च को नक्सलियों ने पुलिस के मुखबिर होने के आरोप पंचायत समिति के सदस्य की जन अदालत लगाकर पिटाई की और झारखंड छोड़ने की चेतावनी दी. हाल के महीने में इस तरह के कई ऐसे मामले हैं जिसमें मुखबिरी का आरोप लगाकर गांव वालों को नक्सली मार रहे है.

पुलिस मुखबिरी जान पर भारी

पुलिस को चप्पे-चप्पे की जानकारी मिले, इसलिए पुलिस अनाधिकृत तौर पर मुखबिरों को बहाल करती है. नक्सली गतिविधि और दूसरी ऐसी खबरों के बदले पुलिस की तरफ से मुखबिरों को कुछ इनाम भी मिलता है. इनाम में क्या और कितना मिलता है, यह भी सरकार के रिकॉर्ड में नहीं होता.

नक्सली इलाकों में मुखबिरों की ही वजह से पुलिस को कई बार बड़ी कामयाबी मिलती है. लेकिन इस बात की जानकारी नक्सलियों को अगर हो जाती है, तो फिर वो खबर देने वाले मुखबिर को कई बार जान से मार देते हैं.

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पुलिस और नक्सलियों के बीच पिस रहे लोग

पुलिस मुखबिरी के आरोप में कभी कोई नक्सलियों का शिकार बन जाता है तो कभी नक्सलियों के सहयोग करने के आरोप में कोई पुलिस की जाल में फंस जाता है.

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इस तरह नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वालों के लिए जिंदगी कठिन हो गयी है. नक्सलियों का समर्थक होने की वजह से कई लोग जेल में भी बंद हैं.

पुरानी रंजिश व लेनदेन भी हत्या की वजह

हालांकि, नक्सलियों के हाथों स्थानीय ग्रामीणों की हत्या की हर घटना मुखबिरी से जुड़ी नहीं होती. कई मामलों में पुरानी रंजिश और लेन-देन की बात भी सामने आयी है. वहीं कई बार नक्सली दस्तों में शामिल स्थानीय लोग इसे मुखबिरी का नाम भी दे देते हैं.

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नक्सलियों के निशाने पर ग्रामीण

  • 28 मार्च 2020: चाईबासा जिले के हरता पंचायत के गुंडरी गांव के ग्राम मुंडा नयमन बूढ़ की पुलिस मुखबिरी के आरोप में नक्सलियों ने गला रेतकर हत्या कर दी थी.
  • 11 मार्च 2019: गोमिया प्रखंड के चतरोचट्टी में माओवादी कमांडर मिथिलेश सिंह ने अपने दस्ते के साथ चैयाटांड़ व कुरकुटिया गांव के सैकड़ों लोगों के बीच जन अदालत लगायी. इस अदालत में पंचायत समिति के सदस्य राजू को बुलाकर लाया गया और भरी पंचायत में उसकी जमकर पिटाई करते हुए पूछताछ की गयी. नक्सलियों ने राजू महतो को झारखंड छोड़कर चले जाने की चेतावनी देते हुए छोड़ दिया. उसकी पिटाई भी पुलिस मुखबिरी के आरोप में की गयी थी.
  • 17 जनवरी 2020: सरायकेला जिले के कुचाई थाना क्षेत्र के काडेकेदा में छोटू कालिंदी नाम के शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. हत्या की जिम्मेदारी भाकपा माओवादी ने ली थी. भाकपा माओवादी ने पोस्टरबाजी कर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि पुलिस मुखबिर होने की वजह से छोटू कालिंदी की हत्या की गयी.
  • 5 नवंबर 2019: चाईबासा के छोटानागरा थाना क्षेत्र के मरांगपोगा गांव में देर रात 30 से 40 की संख्या में हथियारबंद नक्सली पहुंची. उन्होंने सोहराय बहन्दा सहित एक अन्य ग्रामीण को बंधक बनाया और फिर बीज सड़क पर ले जाकर उनकी पिटाई की. इसके बाद सोहराय बहन्दा के सिर में गोली मार उसकी हत्या कर दी. जबकि दूसरा ग्रामीण किसी तरह नक्सलियों के चंगूल से भागने में सफल रहा.
  • 5 अक्टूबर 2019: गुमला जिला के चैनपुर थाना अंतर्गत छिछवानी पंचायत स्थित लोरंबा गांव के एक दुकानदार बृजमोहन की भाकपा माओवादियों ने दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी. छाती में दो गोली मारी गयी है. गोली लगते ही बृजमोहन की मौत हो गयी. पुलिस मुखबिर के शक में हत्या की गयी थी.
  • 4 अक्टूबर 2019: चाईबासा के टेबो थाना के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र संकरा व हलमद गांव में नक्सलियों ने उत्पात मचाया. नक्सलियों ने संकरा गांव में पुलिस मुखबिरी का आरोप में जितेंद्र पूर्ति के घर में तोड़-फोड़ की और हलमद गांव के बुका पूर्ति के घर को आग के हवाले कर दिया था.

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