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नक्सलियों के गढ़ संथालपरगना में 3 सीटों पर शांतिपूर्ण चुनाव कराना सुरक्षा बलों के लिए चुनौती

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Ranchi: 19 मई को होनेवाले देश के सातवें चरण (झारखंड के चौथे चरण) के चुनाव के तहत झारखंड के संथाल परगना की 3 लोकसभा संसदीय सीटों दुमका, गोड्डा और राजमहल में सुरक्षाबलों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव को संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती होगी. बता दें कि चुनाव बहिष्कार की घोषणा को नक्सली जहां सफल बनाने के लिए किसी न किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं, तो वहीं सुरक्षा बलों ने अब तक नक्सलियों के मंसूबों को सफल नहीं होने दिया है. लेकिन 12 मई को हुए चुनाव में नक्सलियों ने चाईबासा में कुछ जगहों पर गोलीबारी और बम विस्फोट कर दहशत फैलाने की कोशिश की थी.

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चाईबासा में नक्सलियों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से की थी गोलीबारी और बम विस्फोट

बता दें झारखंड में हुए तीसरे चरण के चुनाव के दौरान चाईबासा के कराईकेला थाना क्षेत्र के इंदरुआ से पापारीदा जानेवाले मार्ग पर लगभग दो बजे दिन में नक्सलियों ने चार बम विस्फोट किये थे. इससे कंसरा बूथ में मतदान के लिए खड़े मतदाता बम विस्फोट की आवाज सुनते ही वापस लौट गये थे.

वहीं गोइलकेरा प्रखंड अंतर्गत नरसंडा मतदान केन्द्र के समीप चांडीबुरू पहाड़ी पर नक्सलियों ने वोटिंग के दौरान हवाई फायरिंग की थी. इससे मतदान केन्द्र पर मौजूद सैकड़ों वोटर्स सहम गये थे. इसके बाद सुरक्षा बल के जवानों ने नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया और मोर्चा संभाल लिया, जिसके बाद नक्सली पीछे हटने को मजबूर हो गये थे.

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वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं

झारखंड के संथाल परगना में नक्सली संगठन वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं. मिली जानकारी के अनुसार दुमका में हार्डकोर नक्सली ताला के मारे जाने के बाद और नक्सलियों के कैडरों की कमी के कारण सभी रीजनल कमेटियां बंद कर दी गयी हैं. ऐसे में संथाल परगना में पूर्वी बिहार और पूर्वोत्तर झारखंड के स्पेशल एरिया कमेटी के सदस्यों को संथाल परगना की कमान दी गयी है. ऐसे में आशंका जतायी जा रही है कि पिछले लोकसभा चुनाव की तरह भी इस बार नक्सली लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं. हालांकि पुलिस के द्वारा भी नक्सलियों के खात्मे के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है और नक्सलियों के द्वारा छुपा कर रखे गए विस्फोटक को बरामद किया जा रहा है.

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ये बड़े नक्सली हैं सक्रिय

मिली जानकारी के अनुसार संथालपरगना में नक्सलियों ने कैडरों की कमी के कारण सभी रीजनल कमेटियां बंद कर दी हैं. ऐसे में पूर्वी बिहार और पूर्वोत्तर झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी के सैक सदस्य संथाल परगना में सक्रिय हैं. प्रत्येक सैक मेंबर पर 25 लाख का इनाम झारखंड सरकार ने घोषित कर रखा है. संथाल में स्पेशल एरिया कमेटी की जिम्मेवारी फिलहाल गिरिडीह के बगोदर के कुख्यात अनुज को दी गयी है. अनुज के साथ ही पीरटांड़ का हितेश उर्फ नंदलाल मांझी, जमुई का अरविंद यादव, प्रह्लाद बर्णवाल, सुदेश उर्फ राहुल, करुणा उर्फ निर्मला भी संथाल परगना में सक्रिय हैं. संथाल परगना के दक्षिणी व दुमका के मसानिया से मसानजोर तक के दक्षिण भाग में भी नक्सली सक्रिय हैं. इस जोन का प्रभारी जोनल कमांडर निशिकांत है. उसकी पत्नी मेघा जो गिरिडीह की रहनेवाली है वह भी दस्ते में सक्रिय है. मध्य सब जोनल प्रभारी अग्नि और उसकी पत्नी उषा बेहद सक्रिय हैं. संथाल के तीन जिले पाकुड़, गोड्डा और साहेबगंज को उत्तरी सब जोन में रखा गया है. इस जोन में रोशन, पीसी, राम आधार, अरुण, अजीत, भारत, मुकेश और पतरस पूरी तरह से सक्रिय हैं.

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वर्ष 2014 में दुमका में पोलिंग पार्टी की दो गाड़ियों को उड़ा दिया था

24 अप्रैल 2014 को शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के सरसाजूल के पास लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में नक्सलियों ने दुमका में पोलिंग पार्टी की दो गाड़ियों को उड़ा दिया था. पुलिसकर्मियों सहित आठ लोग मारे गये थे. अंतिम चरण में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में चूक हो गयी थी. दुमका में नक्सलियों ने बेखौफ होकर घटना को अंजाम दिया और पश्चिम बंगाल की ओर भाग गये थे.

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पुलिस ने भी की है विशेष तैयारी

वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सली हमले से सबक लेते पुलिस ने इस बार लोकसभा चुनाव में अपनी जबरदस्त तैयारी की है. जहां नक्सलियों से निपटने के लिए सुरक्षाबल लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं वहीं, पुलिस मुख्यालय ने इलाके में सक्रिय सभी नक्सली दस्तों को चिन्हित कर उनके खिलाफ अलग-अलग टीमों का गठन कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. लगातार सर्च अभियान की वजह से नक्सली बैकफुट पर चले गये हैं.

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