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एसपी अमरजीत बलिहार हत्याकांड में नक्सली प्रवीर और सनातन बास्की दोषी करार

Dumka : वर्ष 2013 में पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार सहित 6 जवानों के हत्याकांड में अदालत ने नक्सली प्रवीर और सनातन बास्की को दोषी करार दिया है. इस हत्याकांड के कुल सात आरोपियों की गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मोहम्मद तौफीकुल हसन की कोर्ट में पेशी हुई. कोर्ट ने दो को दोषी करार देते हुए उनकी सजा के बिंदु पर फैसला सुरक्षित रख लिया. सजा 26 सितंबर को सुनायी जायेगी. शेष पांच अभियुक्तों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. कोर्ट द्वारा दोषी करार दिया गया नक्सली प्रवीर उर्फ सुखलाल गिरीडिह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के बरुवाडीह गांव का रहनेवाला है, जबकि सनातन बास्की उर्फ ताला जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र के चिरुडीह गांव में बतौर घरजमाई रहता था. कोर्ट द्वारा संदेह का लाभ देते हुए बरी किये गये पांच आरोपियों में पाकुड़ जिला के पाकुड़िया थाना क्षेत्र के चरखाडांगा गांव निवासी वकील हेम्ब्रम, काठीकुंड थाना क्षेत्र के डोमनपुर गांव निवासी सतन बेसरा, थाना क्षेत्र के ग्राम चौधर निवासी मारबेल मुर्मू-1 एवं थाना क्षेत्र के ही धंडारिक गांव निवासी मारबेल मुर्मू-2 और रामगढ़ थाना क्षेत्र पोखरिया गांव निवासी लोबिन मुर्मू उर्फ सोरेन शामिल हैं.

32 गवाहों के बयान हुए थे दर्ज

गौरतलब है कि इस हत्याकांड में प्रवीर नामजद आरोपी था, जबकि छह अन्य नक्सली सनातन बास्की उर्फ ताला, वकील हेम्ब्रम, लोबिन मुर्मू, मारबेल मुर्मू-1 और मारबेल मुर्मू-2 एवं सतन बेसरा अप्राथमिक अभियुक्त थे. इस मामले में कोर्ट में 32 गवाहों के बयान दर्ज किये गये थे. केस में देवघर के एपीपी अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह बहस कर रहे थे. वहीं, बचाव पक्ष से अधिवक्ता अवधबिहारी सिंह, अधिवक्ता राजा खान, अधिवक्ता केएन गोस्वामी एवं अधिवक्ता सोमा गुप्ता ने बहस की. इधर, दोषी करार होने के बाद प्रवीर कभी दुःखी, तो कभी खुश होने की बात कहते हुए कारा वाहन में सवार हो जेल के लिए रवाना हुआ.

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क्या था मामला

2 जुलाई 2013 को काठीकुंड के जमनी गांव के पास नक्सलियों ने तत्कालीन एसपी अमरजीत की स्कॉर्पियो पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी. एसपी स्कार्पियो में बॉडीगार्ड के साथ बैठे हुए थे. एसपी बलिहार की गाड़ी के पीछे बोलेरो में पाकुड़ जिला के पुलिस जवान सवार थे. नक्सलियों के हमले में पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार शहीद हो गये थे. उनके अलावा छह पुलिस जवान भी इस हमले में शहीद हो गये थे. घटना को अंजाम देने के बाद सभी नक्सली काठीकुंड जंगल की ओर भाग गये थे. इस घटना के बाद पुलिस ने हार्डकोर नक्सली प्रवीर सहित नक्सली वकील हेम्ब्रम, मानवेल मुर्मू-1 और मानवेल मुर्मू-2, सतन बेसरा, सनातन बास्की के अलावा अन्य नक्सलियों की गिरफ्तारी की थी. मामले में पुलिस की चार्जशीट में सभी छह नक्सलियों के नाम आये. सात नक्सलियों के विरुद्ध तीन फेज में पुलिस ने चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी. गुरुवार को सभी नक्सलियों को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत में पेश किया गया था.

बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजा खान ने कहा- फैसले को हाई कोर्ट में देंगे चुनौती

उधर, फैसला आने से पहले कोर्ट परिसर में मौजूद प्रवीर की पत्नी नमिता राय ने कहा था कि उसे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. न्यायालय से उसे और उसके पति प्रवीर उर्फ सुखलाल मुर्मू को जरूर इंसाफ मिलेगा. इसके बाद जब कोर्ट ने प्रवीर को दोषी करार दिया, तो  नमिता काफी दुःखी नजर आयी. वहीं उसके अधिवक्ता राजा खान ने कहा कि निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने के लिए वह हाई कोर्ट जायेंगे. प्रवीर के दो बेटे और एक बेटी है. वहीं, कोर्ट द्वारा बरी किये गये वकील हेम्ब्रम की पत्नी सुनीता मुर्मू न्यायालय के फैसले से पहले काफी उदास थी, लेकिन न्यायालय के फैसले के बाद उसने राहत महसूस की.

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