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नक्सली संगठन जेजेएमपी टूट के कगार पर! कमांडर सुकरा उरांव की हत्या के बाद नहीं थम रहा विवाद

Ranchi: जेजेएमपी के कमांडर सुकरा उरांव की हत्या के बाद संगठन में आंतरिक कलह शुरू हो गया है. उग्रवादी अपने ही संगठन से बगावत कर दूसरा संगठन बनाने में लगे हुए हैं. नया उग्रवादी संगठन का नाम झारखंड जनसंग्राम सेनानी रखा गया है और इसके सुप्रीमो दिवाकर व अमर हैं. जेजेएमपी के पूर्व कमांडर दिवाकर व अमर सहित 7 उग्रवादियों ने मिलकर ने जेजेएमपी के कमांडर सुकरा उरांव की हत्या कर दूसरा संगठन बनाया है और लोगों को अपने संगठन में जोड़ने का काम कर रहा है.

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30 अक्तूबर, 2021 को घाघरा प्रखंड के लावादाग गांव में जेजेएमपी के कमांडर सुकरा उरांव की उसके ही दस्ते के कमांडरों ने मिलकर हत्या कर दी थी. इसके बाद सुकरा उरांव के हथियार लेकर भाग गये थे. सुकरा उरांव महीने में लेवी का चार लाख रुपये वसूलता था, लेकिन वह अपने दस्ते के सदस्यों को पैसा नहीं देता था और सभी पैसा घाघरा प्रखंड के एक ईंट भट्ठा मालिक को देता था, ताकि सुकरा का पैसा सुरक्षित रहे. सुकरा द्वारा अपने दस्ते के सदस्यों को पैसा नहीं देने से नाराज सात उग्रवादियों ने मिलकर सुकरा की गोली मारकर हत्या कर दी और संगठन छोड़कर भाग गये थे.

बगावत कर रहे लोगों का कहना है कि सुकरा की हत्या के बाद जेजेएमपी के उग्रवादियों ने बहुरा के घर पर हमला कर उसके पिता शनिचरवा मुंडा को 20 दिन पहले उठाकर ले गये थे, लेकिन, अभी तक उग्रवादियों ने शनिचरवा मुंडा को मुक्त नहीं किया है. नक्सली संगठन जेजेएमपी ने पत्र जारी कर कहा कि शनिचरवा मुंडा का अपहरण करने में जेजेएमपी के किसी भी सदस्य के हाथ नहीं है.

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