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नक्सली कमांडर संजय यादव उर्फ भागवत यादव उर्फ तारा यादव उर्फ रामअवतार ने किया आत्मसमर्पण

कभी वर्तमान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु की जलाई थी हैलीकाप्टर, अब देगा शांति का संदेश

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CHATRA : विगत बीस वर्षों से झारखंड व बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द रहा प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का दुर्दान्त नक्सली पूर्व सबजोनल कमांडर संजय यादव उर्फ भागवत यादव उर्फ तारा यादव उर्फ रामअवतार अब हिंसा के बजाय लोगों को शांति का संदेश देगा. माओवादी विचारधारा से तंग आ चुके नक्सली ने समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे एसपी अखिलेश वी वारियर व सीआरपीएफ 190 बटालियन के कमांडेंट पवन कुमार बासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. संगठन में लंबे समय तक विभिन्न शीर्ष पदों पर रहे पूर्व सबजोनल कमांडर पर बिहार के गया जिला अंतर्गत बाराचट्टी थाना क्षेत्र के धनगांय ईलाके मे वर्तमान उपराष्ट्रपति सह तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष वेंकैया नायडु के काफिले पर हमला कर हैलीकाप्टर जलाने समेत करींब डेढ़ दर्जन मामले दर्ज हैं.

चतरा और बिहार के गया जिले में था सक्रिय
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली ने वर्ष 2005 मे भाजपा अध्यक्ष के काफिले पर हमला कर हैलीकाप्टर को जला दिया था. इन सभी मामलों मे बिहार व झारखंड के कई थानों के पुलिस को लंबे समय से इसकी तलाश थी. एसपी अखिलेश वी वारियर ने बताया कि पुलिस की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर मुख्य धारा मे शामिल होने वाले पूर्व सबजोनल कमांडर भागवत यादव के विरुद्ध चतरा के सदर, वाशिष्टनगर, हंटरगंज, प्रतापपुर, कुंदा व राजपुर के अलावा बिहार के गया जिला अंतर्गत बाराचट्टी व आमस थाना मे हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, अवैध हथियार रखने व आगजनी समेत कई नक्सल मामले दर्ज हैं. उन्होंने बताया कि करीब बीस वर्ष पूर्व जमींदारी प्रथा के विरोध मे हथियार उठाने वाला नक्सली भागवत यादव जिले के वशिष्टनगर जोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत घंघरी कनगुरवा गांव का रहने वाला है| वह झारखंड के सदर, प्रतापपुर, सलैया, कुंदा, वशिष्टनगर जोरी, हंटरगंज, लातेहार के बालूमाथ व बिहार के गया जिला अंतर्गत सलैया व बाराचट्टी के अलावे आमस थाना क्षेत्र मे सक्रिय था. इसके अलावे झारखंड-बिहार सीमा क्षेत्र मे भी इसकी गतिविधि बढ़ी रहती थी.

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एसपी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को झारखंड पुलिस के आत्मसमर्पण नीति का लाभ दिया जाएगा. मौके पर एसपी ने मुख्यधारा से भटके अन्य नक्सलियों को भी समर्पण नीति के तहत हथियार डालकर मुख्यधारा मे शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि सभ्य समाज मे नक्सलवाद और हिंसा का कोई स्थान नहीं है. अगर समाज मे अशांति फैलाकर विकास योजनाओं को प्रभावित करने वाले हथियार डाल दें, वरना उन्हें पाताल से भी खोजकर निकाल लिया जाएगा. मौके पर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली के परिजनों के अलावा पुलिस व सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान मौजूद थे.

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