न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#MobLynching पर कविता लिख सोशल मीडिया पर छाये नवीन चौरे

2,409

होशंगाबाद (मप्र) के रहने वाले नवीन चौरे इन दिनों साहित्यिक हलचल को लेकर सोशल मीडिया तक की सुर्खियों में हैं. वे आइआइटीयन हैं. उन्होंने दिल्ली आइआइटी से बीटेक किया है. लेकिन उनके सुर्खियों में रहने की वजह यह नहीं बल्कि मॉब लिचिंग पर उनकी कविता है.

नवीन ने यह कविता मुल्क में लगातार घट रही मॉब लिंचिंग की खबरों के बाद की है. जुलाई महीने में नवीन की यह कविता यूट्यूब पर अपलोड की गयी थी. जिसे दुनियाभर में सुना गया है. अब नवीन की कविता का मूल पाठ खूब वायरल हो रहा है. ये प्रस्तुत है उनकी कविता –

Aqua Spa Salon 5/02/2020

मॉब लिंचिंग

इक सड़क पे खून है
तारीख तपता जून है
एक उंगली है पड़ी
और उसपे जो नाखून है
नाखून पे है इक निशां
अब कौन होगा हुक्मरान
जब चुन रही थीं उंगलियां
ये उंगली भी तब थी वहां
फिर क्यों पड़ी है खून में
जिस्म इसका है कहां?
मर गया के था ही ना?
कौन थे वो लोग जिनके हाथ में थी लाठियां?
कोई अफसर था पुलिस का?
न्यायाधीश आए थे क्या?
कौन करता था वकालत?
फैसला किसने दिया?
या कोई धर्मात्मा था?
धर्म के रक्षक थे क्या?
धर्म का उपदेश क्या था?
कौन थे वो देवता?
न पुलिस न पत्रकार
नागरिक हूं जिम्मेदार

इसे भी पढ़ेंः फूड जतरा : आदिवासी खानपान के साथ पारंपरिक परिधान व वाद्ययंत्रों का किया गया प्रदर्शन

इसे भी पढ़ेंः #ShashiTharoor ने पूछा, क्या एक चुनावी जीत ने इतनी ताकत दे दी है कि किसी को भी मार दें…मैं भी #Hindu हूं…

इसे भी पढ़ेंः जमानत के विरोध पर  #CBI पर पी चिदंबरम का तंज, मैं उड़कर चांद पर चला जाऊंगा, होगी मेरी सेफ लैंडिंग

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like