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नवरात्रि 2018: कलश स्थापना का विशेष महत्व, जानें इसका शुभ मुहूर्त

शेर पर नहीं बल्कि नाव पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

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NewsWing Desk: 10 अक्टूबर 2018, बुधवार के दिन से मातारानी का पर्व नवरात्रि प्रारंभ होने जा रहा हैं. इन नौ दिनों में सभी मातारानी की भक्ति में लगे रहते हैं और खुशी से नाचते-गाते हैं. इस बार नवरात्रि 2018 बहुत ही शुभ योगों में पड़ रही है. पंडित रमाकांत मिश्रा के अनुसार इस बार नवरात्रि में चटक योग बन रहा है. इस बार नवरात्रि चित्रा योग में शुरु होगी, इसके अलावा नवरात्रि में 6 विशेष योग बन रहे हैं. इस प्रकार के योगों को चटक योग कहा जाता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस साल नवरात्रि में देवी की आराधना बहुत ही शुभफलदायी होगी. पंडित जी ने बताया की नवरात्रि किसी साल 9 दिन की होती है और कभी किसी साल में 8 दिन की होती है. इस बार नवरात्रि आठ दिन की रहेगी और इन आठ दिनों में 6 विशेष संयोग बनने जा रहे हैं. इन विशेष संयोगों से देवी आराधना का कई गुना फल प्राप्त होगा. इसमें 5 बार रवि योग और एक बार सर्वार्थ सिद्धि योग पड़ेगा.

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इस-इस दिन रहेगा विशेष योग

बुधवार 10 अक्टूबर से नवरात्रि प्रारंभ हो रही है इस दिन चित्रा नक्षत्र में नवरात्रि पर्व साधना की सिद्धि और तथा कार्य में प्रगति देने वाली है. अगर हम पंचांग गणना से देखें तो नवरात्रि पर्व में 10 अक्टूबर प्रतिपदा, 12 अक्टूबर चतुर्थी और 13 अक्टूबर पंचमी को दिन रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है. इसके बाद 14 अक्टूबर षष्ठी के दिन रवि योग के साथ सर्वार्थ सिद्धी योग और 15 अक्टूबर को सप्तमी के दिन रवि योग रहेगा. वहीं 18 अक्टूबर को महाअष्टमी और गुरूवार 19 अक्टूबर को महानवमी रहेगी.

नवरात्रि घट स्थापना मुहूर्त 2018

10 अक्टूबर को सुबह 06:18:40 से लेकर 10:11:37 तक (अवधि : 3 घंटे 52 मिनट) है. वैसे नवरात्र के प्रारंभ से ही अच्छा वक्त शुरू हो जाता है इसलिए अगर ‘जातक शुभ मुहूर्त’ में घट स्थापना नहीं कर पाता है तो वो पूरे दिन किसी भी वक्त कलश स्थापित कर सकता है क्योंकि मां दुर्गा कभी भी अपने भक्तों का बुरा नहीं करती हैं.

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जानें घट स्थापना का महत्व

कलश को सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य देने वाला व मंगलकारी माना जाता है. कलश के मुख में भगवान विष्णु, गले में रुद्र, मूल में ब्रह्मा तथा मध्य में देवी शक्ति का निवास माना जाता है. नवरात्रि के समय ब्रह्मांड में उपस्थित शक्तियों का घट में आह्वान करके उसे कार्यरत किया जाता है. इससे घर की सभी विपदादायक तरंगें नष्ट हो जाती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है.

नवरात्रि‍ 2018 में जपें यह 8 मंत्र, होगा लाभ ही लाभ

10 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू हो रही है इसके लिए इन दिनों देवी दुर्गा की पूजा की जानी काफी लाभकारी होगी. ऐसे में नवरात्रि में सभी बाधाओं को अपने घर से दूर करने के लिए मां दुर्गा के कुछ बहुत ख़ास मंत्र हैं जिन्हे बोलने से, जिनका जाप करने से लाभ होता है आज हम वह मंत्र आपके लिए लाए हैं. आपको बता दें कि इनके जाप अगर आप नवरात्रि में रोज करते हैं तो यह मंत्र आपके जीवन को सुख समृद्धि से संपन्न बना सकता हैं. तो अब आइए जानते हैं कि कौन से हैं वह मंत्र.

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आपको यह भी बता दें कि नवरात्रि ही एक ऐसा पर्व है जिसमें माता दुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी मां सरस्वती की साधना करके जीवन को सार्थक किया जा सकता है मन्त्रों का जाप कर उन्हें खुश किया जा सकता है तो आइए जानते हैं मां दुर्गा की कृपा प्राप्ति के कुछ सरल मंत्र.

* सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके.

शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते..

* या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः..

* या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः..

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* या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः..

* या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः..

* या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः..

* या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः..

* ॐ जयन्ती मङ्गलाकाली भद्रकाली कपालिनी.

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते..

कहते हैं अधिक से अधिक नवार्ण मंत्र ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’ का जाप अवश्‍य करना चाहिए. क्योंकि इससे ही मां दुर्गा की कृपा सदैव आप पर बनी रहती है.

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नवरात्रि 2018: शास्त्रों के अनुसार व्रत में करें इनका सेवन

नौ दिनों में देवी दुर्गा की आराधना सेवा से जितना पुण्य लाभ मिलता है, उतना किसी अवसर पर नहीं मिलता है. इस वजह से यह नौ दिन काफी शुभ अच्छे होते हैं. ऐसे में लोग उपवास भी रखते हैं. माता की पूजा भी करते हैं. तो आइए जानते है कि उपवास के दौरान क्या खाना उचित है.

क्या खाना बेहतर होता है – कहते हैं कि पंडितों के अनुसार नवरात्र के नौ दिनों में पूजा-पाठ करने के साथ-साथ उपवास करने से माँ दुर्गा बहुत खुश होती हैं. वह भक्त की हर मनोकामना पूरी करती हैं. ऐसे में कई लोग यह नहीं जानते हैं कि उपवास के दौरान क्या खाना बेहतर होता है क्या नहीं..?

अब नवरात्रि 2018 के बारे में पंडितों का कहना है कि उपवास के दौरान ज्यादा से ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ जैसे दूध, जूस लेना चाहिए. कोई खड़े पदार्थ नहीं, आप सेब, अनार, केला व खजूर जैसे फल या ड्राई फ्रूट्स ले सकते हैं. क्योंकि इनका सेवन करना सेहत के लिए अच्छा होता है. इसी के साथ व्रत के दौरान साधारण पानी के बजाये निम्बू पानी पीना बेहतर होता है, क्योंकि इससे भूख कम लगती है पेट भरा-भरा रहता है.

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