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प्राकृतिक चिकित्सा से संभव है हर बीमारी का इलाज

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Ranchi: प्राकृतिक चिकित्सा की जानकारी देने के उद्देश्य से रविवार को प्रथम प्राकृतिक चिकित्सा दिवस का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में बताया गया कि किस प्रकार पंचमहाभूत पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश के माध्यम से हर बीमारी का इलाज किया जा सकता है. समारोह के माध्यम से जन-जन तक प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति पहुंचाने पर जोर दिया गया. इस अवसर पर मौजूद पवन मंडल ने बताया कि लोगों तक यह जानकारी पहुंचाना जरुरी है कि प्राकृतिक माध्यम से बीमारी का दूर किया जा सकता है.

मौके पर डॉ अनुज मंडल ने आयुष पद्धति से भी बीमारी को दूर करने की बात कही. उन्होंने बताया कि असंक्रमित बीमारियों का इलाज आयुष पद्धति के माध्यम से संभव है. राज योग केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम में आयुष निदेशालय के निदेशक नुवान अहमद बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ फजलुस शमी डॉ अनुज मंडल, डॉ मुकूल कुमार दीक्षित, पवन मंडल व अन्य कई डॉक्टर शामिल हुए.

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मनोहरपुर में 15 एकड़ जमीन पर बनेगा प्राकृतिक चिकित्‍सालय

कार्यक्रम में मौजूद आयुष निदेशालय के निदेशक ने बताया कि देवघर स्थित मोहनपुर में 15 एकड़ जमीन प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के लिए उपलब्घ कराया गया है. जल्द ही इस पर कार्य भी आरंभ हो जायेगा. उन्होंने योग की महत्ता बताते हुए कहा कि योग प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का महत्वूर्ण भूमिका निभाता है. यदि लोगों को स्वस्थ रहना है तो प्रत्येक व्यक्ति को योगाभ्यास अवश्य करना चाहिए. अपने व्यस्त जीवन में समय निकालकर नियमित रुप से योग कर ने से निरोग और स्वस्थ रहा जा सकता है.

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पंचतत्र के नियमों का पालन करें

कार्यक्रम में मौजूद कई वक्ताओं ने अपनी-अपनी राय रखी. डॉ नीरज नयन ऋषि ने बताया कि पंचतत्र के नियमों का पालन कर रोगों से बचाव किया जा सकता है. दो बार खाना खायें, दो लीटर से ज्यादा पानी पीयें, दो बार प्रार्थना करें, दो घंटा व्यायाम करें, सप्ताह में एक दिन फल के साथ उपवास अवश्य करना चाहिए. उन्होंने कहा कि गांधी जी भी प्राकृतिक चिकित्सा के समर्थक थें. जो मिट्टी और राम नाम के शब्द से इलाज करते थे.

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