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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को मोदी सरकार का तोहफा, मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा   

NewDelhi : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारअजीत डोभाल को मोदी सरकार ने तोहफा दिया है. केंद्र सरकार ने एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) अजीत डोभाल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है. मोदी सरकार ने यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अजीत डोभाल के योगदान को देखते हुए लिया.  बताया जा रहा है कि डोभाल की नियुक्ति पांच साल के लिए की गयी है.  साथ ही अजीत डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी बने रहेंगे.  एक कैबिनेट मंत्री को मिलने वाली तमाम सुविधाएं उन्हें मिलती रहेंगी.

बता दें कि भारतीय सेना के द्वारा की गयी सर्जिकल स्ट्राइल और एयर स्ट्राइक की योजना का श्रेय एनएसए डोभाल को दिया जाता है.  सितंबर 2018 में भी भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सीमा में सर्जिकल स्ट्राइक की थी.  इस सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाने में भी डोभाल की भूमिका अहम बताई जाती है.  अजीत डोभाल, 30 मई 2014 से इस पद पर हैं.डोभाल भारत के पांचवे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं. इससे पहले शिवशंकर मेनन भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे.

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 अजीत डोभाल 1968 में केरल कैडर से आईपीएस में चुने गये थे

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अजित डोभाल का जन्म 1945 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में एक गढ़वाली परिवार में हुआ.  उन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा अजमेर के मिलिट्री स्कूल से पूरी की थी, इसके बाद उन्होंने आगरा विश्व विद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए किया और पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद वे आईपीएस की तैयारी में लग गये.

अजीत डोभाल 1968 में केरल कैडर से आईपीएस में चुने गये थे, 2005 में इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी के चीफ के पद से रिटायर हुए हैं.  वह सक्रिय रूप से मिजोरम, पंजाब और कश्मीर में उग्रवाद विरोधी अभियानों में शामिल रहे हैं.

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