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राष्ट्रीय ग्रामीण विकास निगम कर रहा ठगे हुए लोगों को फिर से ठगने की तैयारी!

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Ranchi: खूद को नन प्राफिटेबल संस्था बताने वाला राष्ट्रीय ग्रामीण विकास निगम (आरजीवीएन) ठगे गये लोगों से ही प्रॉफिट कमाने की तैयारी में है. धनबाद से संचालित इस संस्थान ने दैनिक अखबार में विज्ञापन जारी किया है.

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विज्ञापन के जरीये राज्य के ठगे गये लोगों से उनकी पूरी डिटेल मांगी जा रही है. डिटेल के अलावा लोगों से पैसे भी मांगे जा रहे हैं. आरजीवीएन का कहना है कि हमारी संस्था लोगों के लूटे जा चुके पैसों को वापस कराने की कोशिश करेगी. साथ ही एक डेटा एनालिसिस तैयार कर खुद से ही सीबीआई को सौंपेगी.

इस बावत संस्था के दो पदाधिकारियों से बात हुई. लेकिन दोनों ने अलग-अलग बात कही. संस्था के उतम कुमार ने कहा कि हम लोगों के डूबे पैसों को निकालेंगे. वहीं संस्था का निदेशक बताने वाले प्रकाश महतो ने कहा कि हम लोगों के पैसे वापस नहीं करेंगे बल्कि डेटा तैयार करेंगे.

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नौ जिलों के लोगों का होगा काम

इस संस्था ने तीन चरणों में लोगों से डेटा उपलब्ध कराने की मांग की है. पहले चरण में संस्था बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, साहेबगंज और पाकुड़ जिला के लोगों के लिए काम कर रही है.

इन जिलों के ठगे गये लोगों से पैसे वापस कराने के नाम पर डेटा संकलन कर रही है. साथ ही उनसे पैसे भी लिये जा रहे हैं. कंपनी के निदेशक प्रकाश महतो ने कहा कि हमने 3 अप्रैल को विज्ञापन निकाला है और 5 को अप्रैल तक ही अंतिम तिथि है. इस विज्ञापन के माध्यम से ही लोगों से गलत तरीके से पर्सनल डिटेल और पैसों की ठगी की जा रही है.

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