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नेशनल हेराल्ड केस : एसोसिएटेड जर्नल्स को आवंटित जमीन ईडी ने कुर्क की, कांग्रेस ने कहा, कार्रवाई  दुर्भावनापूर्ण

सीबीआई का आरोप है कि पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित आवंटित भूखंड संख्या सी-17 के फिर से आवंटन किये जाने से सरकारी खजाने को 67 लाख रुपये का नुकसान हुआ.  

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NewDelhi : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को पंचकूला में आवंटित भूखंड धन शोधन रोधी कानून के तहत कुर्क कर लिया है. बता दें कि हरियाणा की हुड्डा सरकार ने एजेएल को यह जमीन एक बार निरस्त करने के बाद 2005 में फिर से आवंटित की थी. सीबीआई का आरोप है कि पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित आवंटित भूखंड संख्या सी-17 के फिर से आवंटन किये जाने से सरकारी खजाने को 67 लाख रुपये का नुकसान हुआ.  इस भूख्ंड पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं का नियंत्रण है.  एजेंसी ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि एक दिसंबर को मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया गया है.  सीबीआई ने उसी दिन गलत तरीके से एजेएल को भूमि आवंटित करने को लेकर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था.  ईडी के अनुसार पीएमएलए कानून के तहत भूखंड को कुर्क कर लिया गया है.  इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने कहा है कि उनके नेताओं के खिलाफ अनियमितताओं के आरोप द्वेषपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण नीयत से लगाये गये हैं.

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कांग्रेस के अनुसार इसमें कुछ भी नया नहीं है, सिवाय इसके कि यह चुनाव का समय चल रहा है.  कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, मैं इस सरकार की चिंता और निराशा को समझ सकता हूं, खासकर जब चुनाव का समय आसपास होता है . तथ्यों को अलग ढंग से पेश किया गया है.  ये पुराने मामले हैं.  प्रक्रिया चल रही है.  यह अंतिम आदेश नहीं है, यह कोई न्यायिक निर्णय नहीं है.

जमीन को गिरवी रखकर बैंक से समय-समय पर कर्ज लिये गये

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ईडी का आरोप है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री हुड्डा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गलत तरीके से भूखंड का आवंटन एजेएल को किया.  आवंटन 1982 की दर (91 रुपये प्रति वर्ग मीटर) पर ब्याज के साथ किया गया.  हालांकि, इस भूखंड को एजेएल को आवंटित करने के बाद आवंटन एक बार निरस्त किया गया था.  भूखंड आवंटन निरस्त होने का काम पूरा हो चुका था ऐसे में कानूनन इसे फिर से आवंटित नहीं किया जा सकता था.  ईडी ने कहा कि 2005 में भूखंड का फिर से आवंटन होने से एजेएल को अनुचित लाभ हुआ.  एजेंसी के अनुसार जांच में पाया गया कि मेसर्स एजेएल को उक्त भूखंड पर निर्माण कार्य के लिये तीन बार अनुचित विस्तार दिया गया.  बाद में इस जमीन को गिरवी रखकर बैंक से समय-समय पर कर्ज भी लिये गये.  सीबीआई ने एक दिसंबर को पंचकूला अदालत में गलत तरीके से जमीन एजेएल को आवंटित करने को लेकर हुड्डा समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोती लाल वोरा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किये. खबरों के अनुसार ईडी ने कांग्रेस के दो नेताओं से इस मामले में पूछताछ भी की है.

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