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नौ महीने बाद गोवा में होंगे नेशनल गेम्स, झारखंड में अब भी प्लेयर्स के लिए स्टेडियमों के दरवाजे बंद

Ranchi: इस साल गोवा में नेशनल गेम्स होने हैं. वहां अक्टूबर-नवंबर में 36वां नेशनल गेम्स होना तय है. दूसरे राज्यों में तैयारियां शुरू हैं. पर झारखंड के खिलाड़ियों पर कोरोना आपदा का साया बने रहने के खतरे के नाम पर स्टेडियमों को बंद रखा गया है. ऐसे में खिलाड़ियों को आशंका सता रही है. उन्हें डर है कि नेशनल लेवल पर होने वाले राष्ट्रीय खेल के महाकुंभ में झारखंड की झोली खाली ही रह जायेगी.

पड़ोसी राज्यों में शुरू है स्पोर्ट्स एक्टिविटी

कोरोना संक्रमण के खतरे के कारण 2020 में तकरीबन पूरे साल खेल गतिविधियां देश दुनिया में बंद रहीं. पर समय के साथ इसके घटते केसों को देखते हुए स्पोर्टस टूर्नामेंट और खेल प्रैक्टिस भी जगह जगह पर शुरू है. असम, पश्चिम बंगाल, बिहार सहित अन्य राज्यों में खिलाड़ियों के लिये स्पोर्टस ग्राउंड खुल गये हैं. अलग अलग खेलों में खिलाड़ी तैयारियों में लग चुके हैं. बल्कि वहां खेल टूर्नामेंटों का आय़ोजन किये जाने पर भी तैयारी होने लगी है.

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झारखंड में क्या है स्थिति

2020 में सितंबर-अक्टूबर में आपदा प्रबंधन विभाग ने कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए एक जगह पर 300 लोगों के जुटने पर सहमति दे दी थी. मुख्य सचिव के आदेश से इस संबंध में सूचना जारी हुई थी. आदेश के मुताबिक स्टेडियमों को बिना दर्शकों के खोले जाने हैं. पर खेल विभाग का मानना है कि केवल स्टेडियम खोले जाने को कहा गया है, खिलाड़ियों के प्रैक्टिस के संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है. ऐसे में गोवा नेशनल गेम्स में भाग लेने वाले प्लेयर्स अपने रिस्क पर जहां तहां प्रैक्टिस करने को विवश हैं.

अगले 6 महीने में 5 टूर्नामेंटों के आय़ोजन की तैयारी

खेल संघ अपने स्तर से राज्य में खेल टूर्नामेंट के आयोजन में लगे हैं. हॉकी के दो राष्ट्रीय टूर्नामेंट रांची औऱ सिमडेगा में फरवरी-मार्च में कराये जाने की योजना है. वुशू का ऑल स्टेट गेम (झारखंड) और 17-21 मार्च को सब जूनियर नेशनल टूर्नामेंट कराये जाने का विचार वुशू खेल संघ का है. फरवरी में इंटरनेशनल रेस वॉक का आयोजन रांची में कराया जाना है. पर खेल संघों और खिलाड़ियों के साथ समस्या यह है कि अब तक राज्य सरकार के स्तर से स्पोर्टस एक्टिविटी के संचालन के लिये एसओपी तक जारी नहीं हुआ है. इसके बाद ही स्पोर्ट्स एक्टिविटी शुरू होने की उम्मीद है.

सरकार से परमिशन का इंतजार

झाऱखंड एथलेटिक्स संघ के मधुकांत पाठक के अनुसार नेशनल गेम्स का इस साल होना तय ही है. ऐसे में अब खेल मैदानों को खिलाड़ियों के लिये खोले जाने पर निर्णय ले लिया जाना चाहिये. सरकार को खेल गतिविधियों औऱ दूसरे कार्यों को शुरू करने के संबंध में खेल संघों की ओर से प्रस्ताव दिया गया है.

नेशनल गेम्स में 20 से अधिक पदकों की दावेदारी

पिछले दो तीन नेशनल गेम्स को देखें तो झारखंड की टीम औसतन 20 से अधिक मेडल लाता रहा है. 2015 को केरल (तिरुवनंतपुरम) में 35वें राष्ट्रीय खेल का आयोजन हुआ था. इसमें 33 खेल स्पर्धाओं को शामिल किया गया था. टॉप 15 राज्यों में झारखंड 13वें पायदान पर था. उसे कुल-23 पदक मिले थे. इससे पूर्व 34वें राष्ट्रीय खेल वर्ष 2011 में झारखंड में आयोजित किए गए थे. इसमें 33 स्वर्ण 26 रजत और 37 कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में वह 5वें स्थान पर था. जबकि गुवाहाटी (असम) में हुए 33वें राष्ट्रीय खेल में झारखंड को कुल 22 पदक मिले थे.

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