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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने DPS रांची के प्राचार्य के खिलाफ शुरू की कार्रवाई

तीन बच्चों का प्राचार्य ने नहीं लिया था दाखिला, दाखिला नहीं लिए जाने को लेकर की गयी थी शिकायत

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Ranchi: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने डीपीएस रांची के प्राचार्य राम सिंह के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. एनसीपीसीआर के पास कैप्टन सुशील कुमार के पुत्र अक्षत राज और पुत्री शगुन सिंह तथा भारतीय सेना के ब्रजेश कुमार के पुत्र मास्टर चंद्र वेदांत का दाखिला नहीं लिए जाने की शिकायत की गयी थी.

एडमिशन को लेकर लिखे गये पत्र की कॉपी

एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने इन तीनों बच्चों का दाखिला कक्षा आठ, कक्षा पांचवीं और कक्षा दूसरी में करने का निर्देश दिया था. एनसीपीसीआर दिल्ली के कार्यालय प्रभारी दुष्यंत कुमार ने भी स्पष्ट किया है कि डीपीएस स्कूल के खिलाफ जांच शुरू की गयी है.

क्या है मामला

कैप्टन सुशील के दोनों बच्चों का ट्रांसफर का मामला था. ये दोनों जमशेदपुर के कार्मेल स्कूल में पढ़ते थे. इनका नामांकन ट्रांसफर के आधार पर रांची डीपीएस में कराया जाना था. वहीं नायक सुबेदार ब्रजेश कुमार ने अपने बेटे का दाखिला डीपीएस में दूसरी कक्षा में कराने का आग्रह किया था. इनकी बेटी स्कूल में दसवीं की छात्र है. इनके दाखिले को लेकर नेशनल एक्शन एंड को-ऑर्डिनेशन ग्रुप फोर इंडिंग वायलेंस एगेंस्ट चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और साउथ इस्ट एशिया के संयोजक संजय मिश्रा ने भी सिफारिश पत्र लिखा था, जिसमें एनसीपीसीआर के अध्यक्ष के निर्देश की बातें कही गयी थीं.

NCPCR ने शिकायतकर्ता से शुरू की पूछताछ

एनसीपीसीआर के दिल्ली कार्यालय से शिकायत के आधार पर प्रारंभिक पूछताछ शुरू कर दी गयी है. एनसीपीसीआर के जांच अधिकारी ने तीनों बच्चों के बारे में जानना चाहा. यह बताया गया कि चंद्र वेदांत अभी भी घर में बैठा हुआ है. दो वर्ष से डीपीएस के प्राचार्य परिजनों को दौड़ा रहे हैं. वहीं कैप्टेन सुशील के दोनों बच्चे एडमिशन नहीं होने पर डीएवी कपिलदेव में पढ़ रहे हैं. आयोग के जांच अधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया. आयोग द्वारा बताया गया कि जल्द ही प्राचार्य से स्पष्टीकरण पूछते हुए कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी. इस संबंध में कड़ा एक्शन भी लिया जा सकता है. आयोग की तरफ से बताया गया कि दाखिले को लेकर मनमानी की शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो चिंताजनक है.

क्या कहते हैं DPS के प्राचार्य

डीपीएस के प्राचार्य डॉ राम सिंह जांच प्रक्रिया से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं. उन्होंने न्यूजविंग संवाददाता से कहा कि क्या रांची में सिर्फ एक ही स्कूल है डीपीएस, जहां सबका एडमिशन हो. सीबीएसइ के और 55 स्कूल भी हैं. उन्होंने कहा कि आप जांच का कागज हमें दें, फिजूल की बातें न करें.

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