न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

आकाशवाणी का राष्ट्रीय चैनल और पांच शहरों में क्षेत्रीय प्रशिक्षण अकादमी बंद

261

New Delhi: लोक प्रसारक प्रसार भारती ने ‘खर्च में कटौती करने के उपायों’ और सेवाओं को ‘तार्किक’ बनाने के लिए एआईआर के राष्ट्रीय चैनल और पांच शहरों में क्षेत्रीय प्रशिक्षण अकादमी को बंद करने फैसला किया है. ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) के महानिदेशक की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि टोडापुर और नागपुर आदि में राष्ट्रीय चैनल में पदस्थापित कार्यक्रम, तकनीकी, मंत्रालयी और अन्य कर्मचारियों के अलावा पांच शहरों में क्षेत्रीय प्रसारण एवं मल्टीमीडिया अकादमी (आरएबीएम) में काम करने वालों की पदस्थापना संगठन की जरूरत के मुताबिक की जा सकती है.

mi banner add

खर्च में कटौती के तहत आदेश जारी

प्रसार भारती ने आकाशवाणी की सेवाओं को तार्किक बनाने और खर्च में कटौती के उपायों के तहत आदेश जारी किया है. यह पत्र 24 दिसंबर 2018 को आकाशवाणी के महानिदेशक को भेजा गया. इसमें तत्काल प्रभाव से एआईआर के राष्ट्रीय चैनल और अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, शिलांग और तिरुवनंतपुरम में स्थित क्षेत्रीय प्रसारण एवं मल्टीमीडिया अकादमी (आरएबीएम) को बंद करने का फैसला किया गया है. तीन जनवरी के आदेश में कहा कि राष्ट्रीय चैनल को सहेज कर रखे जाने वाले कार्यक्रमों के डिजिटलीकरण और संरक्षण के लिए दिल्ली में केंद्रीय अभिलेखागार भेजना चाहिए.

कुछ धड़ा इस फैसले से खुश नहीं

एआईआर के एक सूत्र ने बताया कि शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक प्रसारित होने वाला राष्ट्रीय चैनल 1987 में अस्तित्व में आया था और राष्ट्रीय मुद्दों से लोगों को अवगत कराने में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. सूत्र ने कहा, ‘राष्ट्रीय चैनल के पास कार्यक्रमों का समृद्ध खजाना है और कर्मियों की फिर से पदस्थापना की जाएगी.’ समझा जाता है कि एआईआर का कुछ धड़ा इस फैसले से खुश नहीं है क्योंकि उनका मानना है कि राष्ट्रीय चैनल प्रसारण का महत्वपूर्ण हिस्सा है और एक साथ इसे बंद करने की जगह खर्च में कटौती के अन्य विकल्प तलाश जाने चाहिए.

एक साल से लंबित था निर्णय

Related Posts

हाफिज सईद की गिरफ्तारी पर भारत ने कहा, इमरान विदेश जाने वाले हैं,  अच्छी छवि बनाना चाहते हैं, हम झांसे में नहीं आयेंगे

सईद के नेतृत्व वाला जेयूडी लश्कर-ए-तैयबा का ही संगठन है जो 2008 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार है.  इस हमले में 166 लोग मारे गये थे.

प्रसार भारती के सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय चैनल को बंद करने का निर्णय पर करीब एक साल से लंबित था. उनके अनुसार, ‘राष्ट्रीय प्रसारण के लिए काम करने वाले अधिकतर वरिष्ठ अधिकारी रिटायर हो चुके हैं. इसका ऑडियंस कनेक्ट भी बहुत कम है, इसे बस नाम के लिए किसी तरह चलाया जा रहा है.’ चैनल में हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी भाषा में कई तरह के कार्यक्रम प्रसारित किए गए, जिनका उद्देश्य आम जनता और साधारण वर्ग  के श्रोताओं तक पहुंचना था. इस चैनल के कार्यक्रमों की पहुंच देश की 76% आबादी और 64% क्षेत्र तक थी.

क्या होगा कर्मचारियों का?

सूत्रों के मुताबिक ‘राष्ट्रीय चैनल के पास कार्यक्रमों का समृद्ध खजाना है और कर्मियों की फिर से पदस्थापना की जाएगी.’ हालांकि 3 जनवरी के आदेश के अनुसार ‘नागपुर, टोडापुर और बाकी जगहों पर काम कर कर्मचारियों रहे को संस्थान की ज़रूरत के अनुसार नियुक्त किया जायेगा.’ वहीं  एआईआर के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, ‘किसी की भी छंटनी नहीं की जाएगी.’

इसे भी पढ़ें – अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला : क्रिश्चियन मिशेल ने कहा, सोनिया, चंद्रास्वामी को जानता हूं! जेल में मिली बिरयानी

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: