DhanbadJharkhand

ओलंपिक में भाग लेना चाहती है नेशनल तीरंदाज नाजिया, लेकिन धनुष खरीदने को भी पैसे नहीं

Ranjit Singh

Dhanbad : पिता जूता-चप्पल की सिलाई कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं लेकिन बेटी नाजिया के सपने काफी बड़े हैं. नाजिया एक तीरंदाज है और कई नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कई पदक अपने नाम कर चुकी है.

नाजिया की तमन्ना ओलिंपिक में भाग लेकर अपने देश और राज्य का नाम रोशन करने की है. और इस सपने को पूर करने कि लिए नाजिया को एक धनुष की जरूरत है, जिसे खरीदने के लिए उसके पास पैसे नहीं है.

एक धनुष की कीमत दो से तीन लाख रुपये होती है. पिता जूते-चप्पल की सलाई कर बमुश्किल घर चला पाते हैं. ऐसे में वे बेटी की हसरतों को पूरा करने के लिए दो से तीन लाख रुपये का धनुष कहां से खरीद पायेंगे?

इसे भी पढ़ें- पीएम किसान सम्मान निधिः क्या #MODI और #BJP ने देश 5.72 करोड़ किसानों के साथ ठगी की!

कई पदक अपने नाम कर चुकी है नाजिया

डिगवाडीह की रहने वाली नाजिया राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कई पदक अपने नाम कर चुकी है. लेकिन वर्तमान में धनुष नहीं रहने के कारण उसका अभ्यास भी ठीक से नहीं हो पा रहा है. वह दूसरों से धनुष मांगकर किसी तरह अपना अभ्यास करती है.

इसे भी पढ़ें- #GSTCouncil की बैठक से पहले सरकार ने घटाये #CorporateTax, ऐलान के बाद शेयर बाजार में उछाल

मंत्री से लगायी गुहार पर नहीं मिला फायदा

नाजिया कहती है कि उसे एक धनुष की जरूरत है. अगर वह उसे मिल गया तो फिर लक्ष्य कितना भी कठिन क्यों न हो, वह उसे आसानी से भेद सकती है.

धनुष के लिए नाजिया ने खेल मंत्री अमर बाउरी से भी संपर्क किया. पहले तो उनसे मिलने के लिए कई चक्कर उसे लगाने पड़े. कड़ी मशक्कत के बाद मंत्री जी मिले तो नाजिया ने उन्हें आवेदन दिया. धनुष के लिए गुहार लगायी लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी उसे एक धनुष अभी तक नहीं मिल सका है.

नाजिया कहती हैं कि उसके पास एक धनुष रहता तो वह ओलिंपिक में जाने के लिए तैयारी करती. वह नेशनल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कई गोल्ड और ब्राउंज मेडल अपने नाम कर चुकी है.

उसे विश्वास है कि वह ओलिंपिक में भी हिस्सा लेगी तो बेहतर प्रदर्शन कर देश और राज्य का नाम रोशन करेगी. नाजिया बताती है कि जब वह हर जगह से गुहार लगाकर थक गयी तो वह न्यूजविंग के पास पहुंची और अपनी समस्या के बारे में बताया. ताकि उसकी आवाज सरकार तक पहुंच सके और उसे एक आधुनिक धनुष मिल सके. जिससे वह अपने सपनों को पूरा कर सके.

इसे भी पढ़ें- #FinanceMinister के ऐलान के बाद शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, #Sensex1800 व निफ्टी 11 हजार के पार 

पैसे की कमी की वजह से प्रतिभा तोड़ देती है दम

क्षेत्र में कई प्रतिभावान खिलाड़ी हैं, जिनकी प्रतिभा अर्थाभाव के कारण आज दम तोड़ रही है. नाजिया कहती है कि ऐसे खिलाड़ी अपनी बात लेकर अधिकारी और मंत्री तक से नहीं मिल पाते हैं.

वे सिर्फ उनके कार्यालयों का चक्कर ही लगाते रह जाते हैं. यह हाल नेशनल गेम खेल चुके खिलाड़ियों का है. ऐसे में यह समझा जा सकता है कि झारखंड में गरीब खिलाड़ियों की क्या हालत है.

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: