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नेशनल एकेडमिक ऑफ साइंस ने सिम्फ़र निदेशक डॉ पीके सिंह को चुना फेलो

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Dhanbad :  केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुशंधान संस्थान (सिम्फ़र) के निदेशक प्रदीप कुमार सिंह को नेशनल अकेडमिक ऑफ़ साइंस नामक संस्था ने अपना फेलो चुना है. निदेशक ने इसे गौरव का क्षण बताया है. उन्होंने कहा कि अकेडमिक के फेलो पूरे भारत वर्ष में बहुत कम ही है. ऐसे में मुझे फेलो चुना जाना काफी हर्ष का विषय है. धनबाद में अबतक का अकेला फेलो चुना गया हूं. उन्होंने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में अपनी जितनी दक्षता और जानकारी है उससे अकेडमिक की सेवा करेंगे.

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विज्ञान एवं प्रोधोगिकी मंत्रालय पिछले दो सालों दे रही है अवार्ड

बुधवार को श्री सिंह सिम्फ़र सभागार में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि विज्ञान एवं प्रोधोगिकी मंत्रालय सिम्फ़र को पिछले दो सालों से लगातार टेक्नोलॉजी अवार्ड दे रही है. यह संस्थान के वैज्ञानिकों की दक्षता से ही मुमकिन हुआ है. उन्होंने कहा दुर्गम पहाड़ियों पर स्टेबलाइजेशन करना, कंट्रोल ब्लास्टिंग मामले में राक ब्लास्टिंग की टीम अद्द्म साहस का परिचय देते हुए बहुत ही कंट्रोल पैनल में स्पीडी रोड के कंट्रक्शन में कंट्रीब्यूट किया. नई मुंबई में टीम ने एयरपोर्ट को आठ माह पहले ही राक कमीशन कराया. जम्मू में, अरुणाचल में बन रहे हाइड्रो पावर कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट में सिम्फ़र के वैज्ञानिकों की टीम बहुत ही कास्ट इफेक्टिव टेक्नोलॉजी से प्रोजेक्ट डेवलप कराया. इसे देखते हुए मंत्रालय ने टेक्नोलॉजी अवार्ड के लिए सिम्फ़र को चुना.

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सिम्फ़र वैज्ञानिको ने माइंस सर्विलेंस सिस्टम प्रोडक्ट डेवलप किया

इसके फलस्वरूप सिम्फ़र दो सालों से 2017 और इस वर्ष 2018 में भी टेक्नोलॉजी अवार्ड हासिल करने में सफलता पाई. इसके अलावे सिम्फ़र वैज्ञानिको ने माइंस सर्विलेंस सिस्टम प्रोडक्ट डेवलप किया है. उसे एनएमडीसी के माइंस में स्थापित किया गया है इसके लिए सर्टिफिकेट ऑफ़ मेरिट का अवार्ड मिला है. मंत्रालय का अब यह कहना है कि उक्त टेक्नोलॉजी को पांच माइंस में स्थापित कराया तो सिम्फ़र को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में फिर से अवार्ड के लिए नामित किया जायेगा.

संस्थान के वैज्ञानिक इस टेक्नोलॉजी का डेमोस्ट्रेशन ईसीएल में करने जा रहे है. इसके लिए एनसीएल के सीएमडी से भी बात हुई है. अगले एक वर्ष के भीतर पांच माइंस में इस टेक्नोलॉजी को स्थापित करने के बाद पुनः अवार्ड पाने के लिए मंत्रालय को आवेदन किया जायेगा.

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