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एमनेस्टी इंडिया के वीडियो पर नसीरुद्दीन शाह का बयान- असंतोष को दबा रही है सरकार

नसीरुद्दीन शाह का सवाल- क्या हमने ऐसे देश का सपना देखा था?

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Mumbai: एमनेस्टी इंडिया ने गैर-सरकारी संस्थाओं के खिलाफ सरकार की कथित ‘कार्रवाई’ के विरोध में शुक्रवार को एक नया वीडियो जारी किया. इसमें अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने दावा किया कि भारत में धर्म के नाम पर नफरत की दीवार खड़ी की जा रही है और इस ‘अन्याय’ के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को सजा दी जा रही है. मानवाधिकारों पर नजर रखने वाली संस्था एमनेस्टी के लिए 2.13 मिनट के एकजुटता वीडियो में शाह ने कहा कि जिन लोगों ने मानवाधिकारों की मांग की उन्हें जेल में डाला जा रहा है.

उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, ‘कलाकारों, अभिनेताओं, शोधार्थियों, कवियों सभी को दबाया जा रहा है. पत्रकारों को भी चुप कराया जा रहा है. धर्म के नाम पर नफरत की दीवार खड़ी की जा रही है. निर्दोषों की हत्या की जा रही है. देश भयानक नफरत और क्रूरता से भरा हुआ है.’

नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि जो इस ‘अन्याय’ के खिलाफ खड़ा होता है उन्हें चुप कराने के लिए उनके कार्यालयों में छापे मारे जाते हैं, लाइसेंस रद्द किए जाते हैं और बैंक खाते फ्रीज किये जाते हैं ताकि वे सच ना बोलें. उन्होंने उर्दू में एक वीडियो में कहा, ‘हमारा देश कहां जा रहा है? क्या हमने ऐसे देश का सपना देखा था जहां असंतोष की कोई जगह नहीं है, जहां केवल अमीर और शक्तिशाली लोगों को सुना जाता है और जहां गरीबों तथा सबसे कमजोर लोगों को दबाया जाता है? जहां कभी कानून था लेकिन अब बस अंधकार है.’

एमनेस्टी ने ‘अबकी बार मानवाधिकार’ हैशटैग के तहत दावा किया कि भारत में अभिव्यक्ति की आजादी और मानवाधिकारों की पैरवी करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की गयी. एमनेस्टी ने कहा, ‘चलिए इस नववर्ष हमारे संवैधानिक मूल्यों के लिए खड़े हों और भारत सरकार को बताए कि अब कार्रवाई बंद होनी चाहिए.’

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