न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

नासा का अंतरिक्ष यान सूरज की ओर रवाना, 40 लाख मील की दूरी से गुजरेगा

नासा का मिशन पार्कर सोलर प्रोब सूरज की ओर रवाना हो गया है

534

Washington : नासा का मिशन पार्कर सोलर प्रोब सूरज की ओर रवाना हो गया है. जानकारी दी गयी है कि  यह अंतरिक्ष यान सूरज की सतह के सबसे नजदीक 40 लाख मील की दूरी से गुजरेगा. इससे पहले हेलियोस 2 यान सूरज के सबसे नजदीक से गुजरा था. साल 1976 में यह यान सूरज के करीब चार करोड़ 30 किलोमीटर पास तक गया था.  बता दें कि शनिवार को पार्कर सोलर प्रोब की लॉन्चिंग तकनीकी खामी की वजह से टाल दी गयी थी. रविवार को केप केनेवरल स्थित प्रक्षेपण स्थल से डेल्टा-4 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष रवाना किया गया. यह यान अगले सात सालों में सूरज के सात चक्कर लगायेगा.

इस मिशन भेजने का उद्देश्य सूर्य के नजदीक के वातावरण, उसके स्वभाव और कार्यप्रणाली को समझना है. यह मिशन सात साल तक सूरज के वातावरण को जानने की कोशिश करेगा.  इस प्रॉजेक्ट पर नासा ने 103 अरब रुपये खर्च किये हैं. यह यान 9 फीट 10 इंच लंबा है और इसका वजन 612 किलोग्राम है.

इसे भी पढ़ें-चीन ने नजरबंदी शिविरों में 10 लाख उइगर मुसलमानों को डाला  : संयुक्त राष्ट्र

धरती और सूरज के बीच औसत दूरी नौ करोड़ 30 लाख मील

बता दें कि धरती और सूरज के बीच औसत दूरी नौ करोड़ 30 लाख मील है. बताया गया है कि इससे पहले किसी भी अंतरिक्ष यान ने इतना ताप और इतनी रोशनी नहीं झेली है. अमेरिकी एजेंसी नासा के अनुसार मिशन का उद्देश्य इस बात का पता लगाना है कि किस तरह ऊर्जा और गर्मी सूरज के चारों ओर घेरा बनाकर रखती हैं.
इस यान को बेहद शक्तिशाली हीट शील्ड से सुरक्षित किया गया है ताकि यह सूरज के पास ताप को झेल सके और धरती की तुलना में 500 गुना ज्यादा रेडिएशन झेल सके. यह कार्बन शील्ड 11.43 सेंटी मीटर मोटी है.

इसे भी पढ़ें-कम की जाएगी राज्य के निजी विश्वविद्यालयों की फीस, विभाग ने फीस स्ट्रक्चर संशोधित करने का दिया प्रस्ताव

रविवार को सुबह तीन बजकर 31 मिनट पर लॉन्च हुआ मिशन

इस यान को रविवार को अमेरिका के समयानुसार तड़के 3 बजकर 31 मिनट पर लॉन्च किया गया. अमेरिकी
इस मिशन का नाम अमेरिकी सौर खगोलशास्त्री यूजीन नेवमैन पार्कर के नाम पर रखा गया है. पार्कर ने ही 1958 में पहली बार अनुमान लगाया था कि सौर हवाएं होती हैं. यह मिशन जब सूरज के सबसे करीब से गुजरेगा तो वहां का तापमान 2500 डिग्री सेल्सियस तक होगा. नासा के अनुसार अगर सबकुछ ठीक रहा तो यान के अंदर का तापमान 85 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा. यह यान सूरज के वायुमंडल कोरोना से 24 बार गुजरेगा.

palamu_12

इसे भी पढ़ें- मसानजोर डैम विवाद : सरयू राय ने सीएम को लिखा पत्र, कहा- समाधान दुमका और वीरभूम स्तर पर संभव नहीं

11 लाख लोगों के नाम भी सूरज तक पहुंचेंगे

इस यान के साथ लगभग 11 लाख लोगों के नाम सूरज तक पहुंचेंगे. इसी साल मार्च में नासा ने अपने ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा बनने के लिए लोगों से नाम मंगाये थे. नासा ने बताया था कि मई तक करीब 11 लाख 37 हजार 202 नाम उन्हें मिले थे, जिन्हे मेमरी कार्ड के जरिए यान के साथ भेजा गया है.

इसे भी पढ़ें-महागठबंधन  विफल प्रयोग है,  लोग मजबूत और नतीजे देने वाली सरकार पसंद करते हैं : मोदी

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: