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स्मार्ट सिटी मिशन पर दो दिवसीय कार्यशाला ‘IMPLEMENTATION’ 5 से  

ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन देश के अलग-अलग रीजन में किया जा चुका है.

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Ranchi : स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रही परियोजनाओं में आ रही चुनौतियों एवं इसकी तीव्र गति से प्रगति को लेकर राजधानी रांची में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है. केंद्र सरकार के ‘मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स’ के सौजन्य से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की यह कार्यशाला आगामी 5 और 6 अक्टूबर को होटल चाणक्य बीएनआर में होगा. इस दौरान विभाग से जुड़े अधिकारियों सहित 17 शहरों के पदाधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल होंगे. सभी सदस्य सिटी मिशन परियोजनाओं की प्रगति के बारे एक-दूसरे को विचार प्रदान करने के साथ परियोजना की सफलता और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे. मालूम हो कि स्मार्ट सिटी मिशन परियोजनाओं को त्वरित गति देने के लिए सरकार की ओर से पहले भी कई ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन देश के अलग-अलग रीजन में किया जा चुका है.

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कार्यशाला का नाम होगा ‘IMPLEMENTATION’

नगर विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कार्यशाला का नाम ‘IMPLEMENTATION’ रखा गया है. इसके  माध्यम से यह बताने की कोशिश होगी कि किस तरीके से परियोजनाओं का क्रियान्वयन तीव्र गति से किया जाए. इसके साथ जो शहर पहले चरण में चयनित हुए थे और जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर काम किया है. उससे दूसरे शहर के विशेषज्ञ बहुत कुछ जानेंगे और समझेंगे.

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2015 में पीएम मोदी ने शुरू की थी परियोजना

मोदी सरकार ने 25 जून 2015 को ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ (एस.सी.एम.) परियोजना को लागू किया था. केंद्र सरकार ने इन 100 शहरों में से प्रत्येक को अगले 5 वर्ष तक हर साल 100 करोड़ रुपए देने पर सहमति व्यक्त की थी. इसके अलावा राज्य सरकार तथा शहरी स्थानीय निकाय द्वारा भी इतनी ही राशि का अंशदान किया जाना था. एस.सी.एम. के अंतर्गत कार्यान्वित होने वाले प्रोजेक्टों में सस्ते आवास, एकीकृत मल्टीमोडल (बहुआयामी) परिवहन व्यवस्था, खुले स्थलों का सृजन और रख-रखाव, कचरा और ट्रैफिक प्रबंधन के साथ-साथ अन्य कई बातें भी शामिल हैं. ये परियोजनाएं शहर के किसी विशेष क्षेत्र या पूरे शहर पर ही फोकस होती हैं.

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17 शहर के पदाधिकारी होंगे शामिल

सिटी मिशन परियोजना से जुड़े कार्यशाला में रांची स्मार्ट सिटी के साथ-साथ ईस्टर्न और सेंट्रल रीजन वाले राज्यों के (झारखंड, बिहार, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश) 17 स्मार्ट शहरों के सीईओ और पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं. कार्यशाला में शामिल होने वाले प्रमुख शहरों में रायपुर,  भुवनेश्वर,  राउरकेला,  रांची,  पटना,  बिहारशरीफ,  मुजफ्फरपुर,   भागलपुर, भोपाल,  सतना, उज्जैन,  ग्वालियर,  बिलासपुर,  जबलपुर, इंदौर, सागर आदि का नाम प्रमुख है. इस दौरान केंद्र सरकार के ‘मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स’ के ज्वाइंट सेक्रेटरी कुणाल कुमार, स्मार्ट सिटी मिशन के निदेशक राहुल कपूर के साथ-साथ मॉडर्न ऑर्गेनाइजेशन के अर्बनाइजेशन कई विशेषज्ञ राजधानी पहुंच रहे है. इसके अलावा नगर विकास एवं आवास विभाग सचिव अजय कुमार सिंह, रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के डायरेक्टर मुंसिपल एडमिनिस्ट्रेशन सह सीईओ आशीष सिंहमार, रांची नगर आयुक्त मनोज कुमार आदि भी शामिल होंगे.

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परियोजनाओं का क्रियान्वयन हो कैसे, इसपर होगा विचार

अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के अस्तित्व में आए लगभग 3 साल से ज्यादा का समय हो चुका है. ऐसे में जरूरी है कि परियोजना से जुड़ी सभी योजनाओं को कागज से धरातल पर लाया जाए. कई योजनाएं क्रियान्वयन हो रही हैं, तो कई शहरों में कुछ योजनाएं पूरी हो गई हैं, लेकिन तीसरे और चौथे चरण में चयनित शहरों में अभी कार्य प्रगति धीमी है.

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