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यौन हिंसा के खिलाफ मुहिम चलानेवाली नादिया मुराद और डॉक्टर डेनिस मुकवेगे को नोबेल शांति पुरस्कार

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Oslo: इस साल नोबेल शांति पुरस्कार दो लोगों को दिया जायेगा. इस बार को नोबेल वैसी दो शख्सियतों को दिया जायेगा जिन्होंने स्त्रियों के खिलाफ हो रही यौन हिंसा को रोकने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है. ओस्लो में पांच सदस्यों की कमिटी ने डीआर कांगो के डॉक्टर डेनिस मुकवेगे और आइएस के आतंक का शिकार हुई यजीदी रेप पीड़िता नादिया मुराद को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना है. यौन हिंसा के खिलाफ प्रभावी मुहिम चलाने और महिला अधिकारों के लिए उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है.

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आइएस ने बनाया था सेक्स स्लेव

पुरस्कार चयन समिति ने कहा कि दोनों ही विजेताओं को युद्ध क्षेत्र में यौन हिंसा को हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने की मानसिकता के खिलाफ सराहनीय काम किया है. यौन हिंसा के खिलाफ इनके सर्वोच्च योगदान को देखते हुए नोबेल शांति सम्मान दिया जा रहा है. रेप पीड़िता नादिया मुराद को आइएस के लड़ाकों ने सेक्स स्लेव बनाया था. वहां से जान बचाकर निकलने के बाद से वह इस वक्त पूरी दुनिया में महिलाओं को यौन हिंसा के खिलाफ जागरूक करने का काम कर रही हैं. डॉक्टर मुकवेगे पेशे से स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और वह यौन हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं.

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ट्रंप और किम का भी चल रहा था नाम

इस साल शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए कुल 331 (216 लोगों और 115 संगठनों) का नाम मुकाबले में शामिल हुआ था. अब तक 98 नोबेल शांति पुरस्कार दिए जा चुके हैं. इस साल बुकी मार्केट में अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन का नाम भी चल रहा था.

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