JharkhandLead NewsRanchi

रांची हिंसा मामले में गिरफ्तार नबाव चिश्ती ने जिला प्रशासन व इटेलिजेंस ब्यूरो को किया था सचेत, लोगों को उकसाया भी

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में बीते शुक्रवार को फैली हिंसा का मास्टमाइंड नवाब चिश्ती को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. नवाब चिश्ती पर पहले भी कई जगह हिंसा फैलाने का आरोप है. 10 जून को रांची मेन रोड में भड़के हिंसा से करीब डेढ़ घंटा पहले सोशल मिडिया पर पोस्ट किया था. आरोपी नबाब चिश्ती को पहले से पता था. मेन रोड में हिंसा होनी है. फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था. इंटेलिजेंस ब्यूरो एवं जिला प्रशासन सतर्क रहें. पुलिस की जांच में पता चला है कि हिंसा वाले दिन ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ व्हाट्सएप ग्रुप से ही सबसे अधिक मैसेज किया गया था. युवाओं को झांसा देकर उकसाया गया. ग्रुप में आरोपी नवाब ने लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी.

इसे भी पढ़ें: द नेशनल हेराल्ड की जानिए पूरी कहानी, जिसका मोटो है-आजादी खतरे में है, अपनी पूरी ताकत से इसकी रक्षा करे

पुलिस को यह भी पता चला है कि नवाब ही इस ग्रुप का एडमिन है. वहीं पुलिस की जांच के दौरान इस ग्रुप के सारे मैसेज चैट पढ़े गए जिसमें यह पाया गया कि रांची हिंसा को उग्र रूप देने के लिए इस ग्रुप का इस्तेमाल किया गया था. रांची हिंसा को भड़काने में गैंग्स ऑफ वासेपुर व्हाट्सएप ग्रुप की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. आरोपी नबाब चिस्ती के खिलाफ डोरंडा थाना प्रभारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज किया है. छानबीन में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में देखा कि उपद्रवी तत्व जब डोरंडा क्षेत्र से मेन रोड की ओर जा रहे थे तब राजेंद्र चौक पर नवाब चिस्ती को भी देखा गया था.

सामाजिक काम के आड़ में हिंसा भड़काता था

10 जून को रांची में हिंसा का मास्टमाइंड नबाब चिस्ती डोरंडा थाना क्षेत्र के युनूस चौक का रहने वाला है. आरोपी हिंसा भड़काने के आरोप में पहले भी जेल जा चुका है. आरोपी को डोरंडा थाना और हिंदपीढ़ी थाना पुलिस ने दंगा भड़काने के आरोप में जेल भेजा था. आरोपी ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया है कि सोशल मीडिया पर वह धार्मिक उन्माद पैदा करने के लिए उत्तेजक मैसेज भेजता है. नबाब चिस्ती सामाजिक काम के आड़ में हिसा भड़काने में काफी सक्रिय रहा है. वर्ष 2019 में हिंसा भड़काने के आरोप में जेल की हवा खानी पड़ी थी. सामाजिक कार्यकर्ता बने नबाब चिस्ती रांची हिंसा में सोशल मिडिया के माध्यम से लोगों को उकसाया था.

इसे भी पढ़ें: बालू की आपूर्ति बंद होने पर पूर्व सांसद अजय मारू ने जतायी चिंता, कहा- परियोजनाएं हो रही हैं प्रभावित

आरोपी का विधायक मंत्री से था नजदीकी

मास्टमाइंड नवाब चिश्ती सामाजिक कार्य के आड़ में विधायक मंत्री से जुड़ा रहता था. सोशल मिडिया पर कई तस्वीरों से ऐसा प्रतीत होता है. झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन, मंत्री बन्ना गुप्ता, झामुमो से राज्यसभा सदस्य महुआ माजी, विधायक इरफान अंसारी के अलावा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के साथ नवाब चिश्ती की तस्वीरें सोशल मिडिया पर देखी गयी है.

क्या है मामला

10 जून को रांची मेन रोड स्थित एकरा मस्जिद के पास विरोध प्रदर्शन में शामिल लोग अल्बर्ट एक्का चौक की तरफ बढ़ने लगे, तो पुलिस ने रोकने का प्रयास किया. इसी बीच उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरु कर दी. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मंदिर पर भी पथराव कर दिया, फायरिंग भी की गयी. मेन रोड में उपद्रवियों ने तीन घंटे तक जमकर हंगामा किया. कई घरों में पत्थर बरसाये, सड़क किनारे खड़े वाहनों के शीशे भी तोड़ डाले. उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिये पुलिस को हवाई फायरिग करनी पड़ी. मामले में दो दर्जन प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

इसे भी पढ़ें:  झामुमो विधायक बसंत सोरेन मामले पर अब 29 जून को निर्वाचन आयोग में होगी सुनवाई

Related Articles

Back to top button