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नाबार्ड ने शर्तों के साथ वन विभाग को 166.54 करोड़ रुपये कर्ज की दी स्वीकृति

प्रोजेक्ट का इंडीपेंडेंट पार्टी से मूल्यांकन कराने की रखी शर्त

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Ranchi : नाबार्ड ने वन विभाग को वन विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिये शर्तों के साथ 166.54 करोड़ रुपये के कर्ज की स्वीकृति दी है. कर्ज की स्वीकृति के साथ नाबार्ड ने कई शर्तें भी रखी है.

कर्ज की राशि 2019-20, 2020-21, 2021-22, 2022-23 और 2023-24 में वन विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन में खर्च की जायेगी. शर्त यह रखी गई है कि नाबार्ड से कर्ज प्राप्त करने के लिए योजना का त्रैमासिक खर्च प्रशासी विभाग द्वारा योजना सह वित्त विभाग के माध्यम से राज्य सरकार को समर्पित की जायेगी.

जिसके आधार पर नाबार्ड से कर्ज की राशि प्राप्त की जायेगी. कर्ज की मूल राशि और इस पर देय ब्याज राशि के भुगतान योजना सह वित्त विभाग के माध्यम से किया जायेगा. जिसके लिए वित्तीय बजट का भी प्रावधान किया जाएगा.

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वेबसाइट पर अद्यतन स्थिति की देनी होगी जानकारी

वन एवं पर्यावरण विभाग को योजनाओं के कार्यान्वयन पर खर्च होने वाली राशि का अद्यतन विवरण वेबसाइट पर देना होगा. चालू योजना की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति वन विभाग अपने विभागीय वेबसाइट पर अपडेट करेगा.

वन विभाग की परियोजनाओं का स्वतंत्र पार्टी से मूल्यांकन के साथ मॉनिटरिंग भी कराना होगा. अगर संबंधित क्षेत्र वन विभाग के स्वामित्व में नहीं हो तो संबंधित विभाग से स्वामित्व प्राप्त कर नये टेंडर के अनुरूप शर्तों का पालन करना होगा.

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175.58 करोड़ का प्रोजेक्ट

वन विकास परियोजनाओं पर कुल 175.58 करोड़ खर्च किए जाने हैं. इसमें नाबार्ड ने कर्ज के रूप में 166.75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. राज्य सरकार 8.76 करोड़ रुपये आंतरिक संसाधन से खर्च करेगी. इसमें कहा गया है कि योजनाओं के कार्यान्वयन के लिये नाबार्ड द्वारा स्वीकृत कर्ज का 20 फीसदी मोबिलाइजेशन एडवांस के रूप में नाबार्ड से लिए जाएंगे.

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