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ना खाउंगा-ना खाने दूंगा वाली सरकार में बैंकों ने जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाले मेहुल चौकसी, बाबा रामदेव, समेत 50 डिफॉल्टर का 68,607 करोड़ का कर्ज बट्टा खाते में डाला

NewsWing Desk

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कर्ज ना लौटाने वाले देश के 50 टॉप डिफॉल्टरों का 68607 करोड़ रुपया बट्टा खाते में डाल दिया है. यह काम तब हुआ है, जब देश में “ना खाउंगा-ना खाने दूंगा” का नारा देने वाली मोदी सरकार केंद्र में है. इससे भी बड़ी बात यह है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने इस बात को छिपाये रखी.

लोकसभा में पूछे गये सवालों के जवाब में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी जानकारी देने से इंकार कर दी थी. सवाल कांग्रेस की तरफ से सांसद राहुल गांधी ने किया था. अब यह जानकारी सूचना के अधिकार के माध्यम से आरबीआई ने दी है.

जिन टॉप डिफॉल्टरों का कर्ज बट्टा खाते में डाला गया है. उनमें आईटी, रियल इस्टेट, बिजली, सोना-हीरा आभूषण कारोबारी, फार्मा आदि से जुड़े कारोबारी है. एक नाम मेहुल चौकसी (मेहुल चौकसी वही हीरा कारोबारी है, जिसके घोटाले सामने आने के बाद उसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नजदीकियों के कारण राजनीतिक विवाद हुआ था.) का भी है. इसके अलावा बाबा रामदेव की रूची सोया इंडस्ट्रीज और विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस भी शामिल है.

आरबीआई ने सूचना के अधिकार के तहत जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक 30 सितंबर 2019 को ही 50 बड़े विलफुल डिफॉल्टर का कर्ज बट्टा खाता में डाल दिया है. मोदी सरकार ने पिछले सात माह तक इन बातों को छिपाये रखा.

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मेहुल चौकसी है 8048 करोड़ का डिफॉल्टर, घोटाला सामने पर हुआ था फरार

जिन डिफॉल्टरों का कर्ज माफ किया गया है, उसमें सबसे ऊपर मेहुल चौकसी (मेहुल चौकसी वही हीरा कारोबारी है, जिसके घोटाले सामने आने के बाद उसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नजदीकियों के कारण राजनीतिक विवाद हुआ था.) का नाम आता है.

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मेहुल चौकसी की कंपनी गीतांजली जेम्स लिमिटेड पर 5492 करोड़ रुपये का कर्ज है. इसके अलावा मेहुल चौकसी की अन्य कंपनियां गिली इंडिया लिमिटेड 1447 करोड़ की और नक्षत्र ब्रांड्स लिमिटेड 1109 करोड़ रुपये की कर्जदार हैं.

पिछले साल यह घपला सामने आया था. इस तरह मेहुल चौकसी पर तकरीबन 8048 करोड़ रुपये का कर्ज था. अब मेहुल चौकसी को कोई रकम नहीं लौटानी पड़ेगी. चौकसी अभी फरार है. वह एंटीगुआ एंड बारबाडोस द्वीप समूह की नागरिकता लेकर वहीं रह रहा था.

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आरईओ एंग्रो कंपनी पर है 4314 करोड़ का कर्ज

जिन डिफॉल्टरों का कर्ज माफ किया गया है, उसमें दूसरे नंबर है आरईआई एग्रो. इस कंपनी पर 4314 करोड़ रुपये का कर्ज है. इसके डाइरेक्टर संदीप झुनझुनवाला और संजय झुनझुनवाला हैं. इस कंपनी के मामले की जांच अभी ईडी कर रही है.

विनसम डायमंड पर 4076 करोड़

जिन कंपनियों का कर्ज माफ किया गया है, उसमें तीसरे बड़े कर्जदार कंपनी का नाम है, विनसम डायमंड. विनसम डायमंड के मालिक का नाम जतिन मेहता है. इनकी कंपनी पर 4076 करोड़ रुपया का कर्ज है. बैंक फ्रॉड के इस बड़े मामले की जांच अभी सीबीआई कर रही है.

रोटौमैक कंपनी पर 2850 रुपये का कर्ज

सूची में चौथी बड़ी कंपनी का नाम है रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड. यह कंपनी पेन बनाती है. इस कंपनी का मालिक कोठारी समूह है. कोठारी समूह उत्तर प्रदेश के कानपुर का है. कंपनी पर 2850 करोड़ रुपये का कर्ज है.

इन कंपनियों का कर्ज भी माफ हुआ

पंजाब की कुडोस कीमी- 2326 करोड़

बाबा रामदेव की कंपनी रुची सोया इंडस्ट्रीज-2212 करोड़

जूम डेवलेपर्स प्राइवेट लिमिटेड- 2012 करोड़

अहमदाबाद निवासी हरीश आर मेहता की फॉरएवर प्रोशियस ज्वेलरी एंड डायमंड प्र.लि.- 1962 करोड़

विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड- 1943 करोड़

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