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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम :  सीएम नीतीश कुमार के विरुद्ध सीबीआई जांच का भ्रम फैलाया गया, खबर गलत निकली

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Patna : शनिवार को  मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले से जुड़ी एक सनसनीखेज खबर आयी. टेलीविजन चैनलों और न्यूज वेब पोर्टल पर खबर आयी कि सीएम नीतीश कुमार के विरुद्ध सीबीआई जांच होने वाली है. लेकिन यह खबर गलत निकली है. न्यूज चैनलों और न्यूज वेब साइट्स ने याचिकाकर्ता के वकील सुशील ओझा के बयान के आधार पर सीबीआई जांच की खबर चलाई. लेकिन  अन्य वकील शरद सिन्हा ने इसके टेक्निकल पक्ष को सामने रख कर तस्वीर साफ कर दी है. सिन्हा ने साफ किया कि ऐसी कोई बात ही नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इन तीनों के खिलाफ जांच का कोई आदेश नहीं दिया गया है. एक सामान्य प्रक्रिया के तहत सिर्फ सीबीआई को फॉरवर्ड किया गया है. इसके लिए कोई जांच का आदेश नहीं दिया गया है. इस टेक्निकल पक्ष के बाद मामला ठंडा हो गया.

बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दो वरीय अधिकारी जिसमें समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव अतुल प्रसाद और मुजफ्फरपुर के पूर्व ज़िला अधिकारी धर्मेन्द्र प्रसाद के खिलाफ याचिका को सीबीआई के पास सूचनार्थ भेजा गया है.  लेकिन मीडिया में इस मामले पर हुई गलत रिपोर्टिंग के कारण शनिवार को पूरा प्रशासनिक और राजनीतिक महकमा इस मामले में चर्चा का केंद्र रहा.

मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड विशेष पॉक्सो कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश हुआ था

बता दें कि बालिका गृहकांड में गिरफ्तार कथित डॉक्टर अश्विनी के वकील सुधीर कुमार ओझा ने कोर्ट में अर्जी देकर आरोप लगाया है कि सीबीआई तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रही है. अर्जी में कहा गया है कि इस मामले में मुजफ्फरपुर के तत्कालीन डीएम धर्मेंद्र सिंह, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अतुल प्रसाद और नीतीश कुमार की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए थी. डॉक्टर अश्विनी की अर्जी पर सुनवाई के बाद विशेष पॉक्सो कोर्ट के प्रभारी न्यायाधीश सह एडीजे-11 मनोज कुमार ने सीबीआई के पास इसे सूचनार्थ अग्रसारित कर दिया. इस बीच, आरोपित के अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने शनिवार को भी एक पूरक अर्जी कोर्ट में दायर की है. इस पर अभी सुनवाई लंबित है.

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बता दें कि कथित डॉक्टर अश्विनी को बालिका गृहकांड का पर्दाफाश होने के बाद पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था. अश्विनी पर नाबालिग बच्चियों को नशीली दवा का इंजेक्शन देने के आरोप हैं. इससे पहले पिछले दिनों बालिका गृहकांड मामले को मुजफ्फरपुर पॉक्सो कोर्ट से दिल्ली विशेष पॉक्सो कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश हुआ था.

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