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मुजफ्फरपुर आश्रय गृह केस: कई लड़कियों से यौन शोषण के मामले में आज आ सकता है कोर्ट का फैसला

सीबीआइ ने ब्रजेश ठाकुर समेत 21 लोगों को आरोपी बनाया है.

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New Delhi: मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामले में दिल्ली की अदालत गुरुवार को अपना फैसला सुना सकती है. मुजफ्फरपुर में चर्चित आश्रय गृह में अनेक लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न और यौन हिंसा से जुड़े मामले में दिल्ली के साकेत स्थित पॉक्सो कोर्ट गुरुवार को अपना फैसला सुना सकता है.

मामले में सीबीआइ ने ब्रजेश ठाकुर समेत 21 लोगों को आरोपी बनाया है. मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम के चर्चित कांड पर कोर्ट का क्या फैसला आता है, इस पर सबकी नजर होगी.

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14 नवंबर को ही आना था फैसला

बता दें कि अदालत इस मामले में 14 नवंबर को ही अपना फैसला सुनाने वाला था, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण निर्णय को 12 दिसंबर तक के लिए टाल दिया था. दरअसल वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद 20 आरोपियों को राष्ट्रीय राजधानी में सभी छह जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल के चलते अदालत नहीं लाया जा सका था.

जानकारों की मानें तो गुरूवार को कोर्ट आरोपियों के दोषी होने पर फैसला सुना सकती है. और दोषी करार दिये जाने पर सजा के ऐलान के लिए दूसरी तारीख तय की जा सकती है.

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अदालत ने 20 मार्च 2018 को मामले में आरोप तय किए थे. इस मामले में 20 आरोपित अलग-अलग जेलों में बंद हैं. आरोपियों में आठ महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं. वहीं, सीबीआइ अब तक 21वें आरोपित डॉ प्रोमिला को गिरफ्तार नहीं कर पायी है.

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TISS की रिपोर्ट से हुआ खुलासा

उल्लेखीनय है कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) की रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में लड़कियों के यौन शोषण की बात सामने आयी थी. जिसके बाद महिला थाने में 31 मई, 2018 में सहायक निदेशक दिवेश शर्मा के आवेदन पर बालिका गृह में कई बच्चियों से उत्पीड़न की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.

उच्चतम न्यायालय ने 7 फरवरी 2019 को मुजफ्फरपुर कोर्ट से केस को दिल्ली के साकेत पॉक्सो कोर्ट में ट्रांसफर कर त्वरित सुनवाई करने को कहा था. मामले को लेकर बिहार सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी.

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