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मुजफ्फरपुर : बालिका गृह से लापता 11 लड़कियों में से एक बरामद

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Muzaffarpur : बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के चर्चित बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर द्वारा संचालित आश्रय गृह से लापता 11 लड़कियों में से एक को पुलिस ने बरामद कर लिया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने मंगलवार को बताया कि बरामद लड़की कहां चली गयी थी, इसके बारे में उससे पूछताछ जारी है.

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30 जुलाई को लापता लड़कियों के संबंध में दर्ज करायी गयी थी प्राथमिकी

उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए उक्त बालिका गृह में गत 20 मार्च को गये जांच दल में शामिल पुलिस निरीक्षक विनोद कुमार की जांच के बारे में वरीय अधिकारी को अवगत नहीं कराए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है. मुजफ्फरपुर महिला थाना प्रभारी ज्योति कुमारी ने गत 30 जुलाई को बताया था कि सामाजिक कल्याण विभाग के सहायक निदेशक देवेश कुमार शर्मा ने साहू रोड स्थित उक्त आश्रय गृह से 11 लड़कियों के “गायब होने” के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इस मामले में उन्होंने मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 34 लड़कियों के साथ यौन शोषण मामले में जेल में बंद ब्रजेश ठाकुर को आरोपी बनाया था.

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कब आया यह मामला सामने

उल्लेखनीय है कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टीआईएसएस), मुम्बई द्वारा अप्रैल में राज्य के समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई एक ऑडिट रिपोर्ट में यह मामला सबसे पहले सामने आया था. बालिका गृह में रहने वाली 42 में से 34 लड़कियों के चिकित्सकीय परीक्षण में उनके साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है. एनजीओ ‘सेवा संकल्प एवं विकास समिति’ द्वारा चलाए जा रहे बालिका गृह का मालिक बृजेश ठाकुर इस मामले में मुख्य आरोपी है.

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31 मई को 11 लोगों के खिलाफ की गयी प्राथमिकी दर्ज

इस मामले में 31 मई को 11 लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी. ठाकुर समेत 10 लोगों को तीन जून को गिरफ्तार किया गया था. एक व्यक्ति फरार है. बिहार पुलिस ने 26 जुलाई को इन आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था. राज्य सरकार ने 26 जुलाई को इसकी जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी और बाद में सीबीआई ने इसकी जांच राज्य पुलिस से अपने हाथ में ले ली थी.

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