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लॉकडाउन में शुरू की मशरूम की खेती, अब हो रही है अच्छी कमाई

Hazaribagh: लॉकडाउन की मार बड़े से लेकर लेकर छोटे उद्योगपतियों पर एक अपनी छाप छोड़ चुकी है. कुछ व्यापारी तो अपने धंधे के साथ दूसरे धंधे को पकड़ने पर मजबूर हो गए.

सदर विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले ओकनी निवासी राजकुमार खंडेलवाल ने अपने घर में ही छोटे पैमाने पर मशरूम की खेती शुरू की. राजकुमार खंडेलवाल ने बताया कि खेती करने से बड़ा कोई भी धंधा नहीं क्योंकि जब अनाज ही पैदा नहीं होगा तो देश के लोग खाएंगे क्या?

यही सोच के साथ खंडेलवाल ने 2008 में सबसे पहले मशरूम की खेती की शुरुआत की थी मगर सही से लोगों के बीच में वह ला न सके के जिस कारण उन्होंने या खेती बंद कर दी.

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इस उम्र में जब घर में आराम करने की बारी आई तो उन्होंने आराम ना करके अपने शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए फिर से मशरूम की खेती की शुरुआत की.

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आगे उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी खेती है जिसमें लागत तो कम है कमाई का कोई अंत नहीं है. आज पूरे देश में मशरूम का काफी मांग है यहां तक की विदेशों में भी इसकी काफ़ी खपत है.

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110 की लगत में 1300 की कमाई

एक बैग से एक बार में 3 किलो से ज्यादा मशरूम होता है तीन बार तो तोड़ाई होती है. पहली बार 23-24 दिन में फिर 10 दिनों में तोड़ाई होती है इस प्रकार एक बैग से लगभग 10 किलो मशरूम होता है. 250 रुपैया किलो से 1300 रुपैया तक में इसकी बिक्री होती है.

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