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राज्य में 18 लोगों की भूख से मौत मामले में मंत्री सरयू राय पर हत्या का मुकदमा दायर हो : AAP

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Ranchi : आम आदमी पार्टी, झारखंड ने शनिवार को रांची के होटल पार्क स्ट्रीट में प्रेस वार्ता आयोजित की. इसमें खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय के विभाग द्वारा चार वर्षों में दो हजार करोड़ के अनाज की चोरी और अन्य गड़बड़ियों सहित राज्य में दो साल के अंदर भूख से हुई 18 मौतों के मुद्दे पर चर्चा हुई. प्रेस वार्ता को संयुक्त रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष पवन पांडेय, प्रदेश सचिव राजन सिंह एवं पीयूष झा ने संबोधित किया. इस दौरान पार्टी ने राज्य में भूख से हुई मौत के मामले में मंत्री सरयू राय पर निशाना साधते हुए कहा कि सरयू राय के विभाग ने चार वर्षों में दो हजार करोड़ रुपये के अनाज का गबन किया. इस घोटाले की वजह से राज्य में पिछले दो सालों में भूख से 18 लोगों की मौत हुई, जिसके सीधे जिम्मेदार हैं सरयू राय है. पार्टी ने मांग की कि मंत्री सरयू राय तत्काल बर्खास्त किया जाये और उनपर भ्रष्टाचार सहित 18 लोगों की हत्या का मुकदमा दायर हो. साथ ही कहा कि राशन के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म की जाये. वाक्ताओं ने जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी ने राज्य के 22 जिलों की 22 पंचायतों में रैपिड रूरल अप्रेजल पद्धति से जनवितरण प्रणाली की समस्याओं को लेकर सर्वे करवाया है. इस सर्वे से जनवितरण प्रणाली में व्यापक घोटाले के तथ्य सामने आये हैं.

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कार्डधारियों को तय मात्रा में नहीं मिल रहा अनाज, डीलर कर देते हैं कटौती

प्रेस वार्ता में पार्टी के वक्ताओं ने कहा कि हर कार्डधारी को डीलर द्वारा प्रति माह अनाज काटकर दिया जा रहा है. कटौती प्रति व्यक्ति 300 ग्राम से लेकर एक किलो तक है. पांच व्यक्तियों के एक परिवार को 25 किलो राशन की जगह पर 20-23 किलो तक ही अनाज मिल रहा है. अगर राज्य के करीब 57 लाख कार्डधारकों से औसतन दो किलो अनाज ही प्रति माह गबन हो रहा है, तो इसका मतलब हर महीने 11,402 टन अनाज की चोरी हो रही है और प्रतिवर्ष एक लाख 37 हजार टन अनाज की चोरी हो रही है. वक्ताओं ने कहा कि सरकार 32 रुपये प्रति किलो की दर से अनाज खरीदती है. इसका मतलब कम से कम 437 करोड़ रुपये के अनाज की प्रतिवर्ष खुलेआम चोरी हो रही है. इस हिसाब से पिछले चार वर्षों में दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का अनाज सरयू राय जी के लोग और अधिकारियों ने चुरा लिया. उन्होंने कहा कि राज्य में इतने बड़े पैमाने पर घोटाला और गरीबों के अनाज की खुलेआम चोरी मंत्री सरयू राय की संलिप्तता के बगैर असंभव है.

घोटाले के लिए मंत्री सरयू राय को ठहराया जिम्मेदार

वक्ताओं ने कहा कि अपने आपको धर्मात्मा, विद्वान और सबसे ईमानदार राजनेता के रूप में पेश करनेवाले सरयू राय का नकाब इस खुलेआम चोरी में खुद-ब-खुद उतर गया है. इस पूरे घोटाले की जिम्मेदारी मंत्री सरयू राय की है. इतना ही नहीं, अपनी पीठ थपथपाते हुए सरयू राय के विभाग ने कहा था की राज्य के 11 लाख 64 हजार फर्जी कार्डों को निरस्त किया गया है एवं सबको आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है. इससे राज्य को 224 करोड़ रुपये की बचत का दावा किया गया. परंतु, सच्चाई यह है कि आज तक निरस्त किये गये कार्डधारकों की सूची सरकार द्वारा जारी नहीं की गयी. यह झारखंडियों के खाद्य सुरक्षा अधिकार का हनन है.

जनवितरण को आधार से जोड़ने की अनिवार्यता वजह रही भूख से हुई मौतों की

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जनवितरण को आधार कार्ड से जोड़ने की वजह से भी लाखों परिवार राशन के अधिकार से वंचित रह गये. झारखंड में भूख से हुई मौतों में भी आधार कार्ड लिंकिंग की अनिवार्यता जिम्मेदार है. पिछले दो सालों में भूख से झारखंड में कम से कम 18 मौतें हुईं. इनमें आठ आदिवासी, पांच दलित और पांच पिछड़े समुदाय से थे. हाल में दुमका के कलेश्वर सोरेन की भूख से हुई मौत की घटना में भी आधार के साथ न जुड़े होने के कारण उनके परिवार का राशन कार्ड रद्द कर दिया गया था. पिछले वर्ष सिमडेगा में संतोषी की भूख से हुई मौत की घटना में भी आधार कार्ड लिंकिंग नहीं होने की वजह से परिवार का राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया था. 18 में से 11 मौंतों में साफ तौर पर आधार-संबंधित विफलताओं का भूख में योगदान था. इन 18 परिवारों में पांच परिवारों का राशन कार्ड नहीं बना था एवं पांच परिवार आधार-संबंधित बायोमीट्रिक सत्यापन व्यवस्था की समस्याओं के कारण अपने राशन के अधिकार से वंचित थे. जबकि, आधार कार्ड से संबंधित जजमेंट में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाये कि आधार कार्ड नहीं होने पर भी देश का कोई भी नागरिक सरकारी सुविधा या सरकारी सब्सिडी से वंचित नहीं रह जाये.

आम आदमी पार्टी ने सरकार से की ये मांगें

मंत्री सरयू राय को तत्काल बर्खास्त किया जाये, हाई कोर्ट की निगरानी में राशन घोटाले की जांच हो, झारखंड में दो वर्ष में भूख से हुई 18 मौतों के लिए जिम्मेदार सरयू राय एवं विभाग के अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज हो, दिल्ली की केजरीवाल सरकार की तरह समुचित राशन का घर-घर डोर स्टेप डिलिवरी की योजना सुनिश्चित की जाये, जिसमें निजी डीलरों को हटाकर महिला संगठन और पंचायतों को जिम्मेदारी दी जाये, राशन कार्ड के लिए आधार कार्ड एवं बायोमीट्रिक सत्यापन की अनिवार्यता समाप्त हो. सुप्रीम के आदेशानुसार आधार कार्ड नहीं होने पर राशन नहीं देने का राज्य सरकार का निर्णय तत्काल प्रभाव से निरस्त हो एवं बार-बार सुप्रीम कोर्ट की अवमानना भाजपा सरकार द्वारा बंद हो. आधार से नहीं लिंक होने के कारण जिन परिवारों का राशन कार्ड रद्द हुआ है, उनकी सूची तुरंत सार्वजनिक की जाये एवं उनका कार्ड फिर से जारी किया जाये.

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