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बिना ओबीसी आरक्षण के ही झारखंड में होंगे नगर निकाय चुनाव-2023,कैबिनेट नोट तैयार

पिछड़ा वर्ग को खुला सीट मानते हुए अन्य श्रेणी में शामिल किया जायेगा, महिला आरक्षण के चक्रानुक्रम की कार्रवाई होगी

Nikhil Kumar
Ranchi:  राज्य में बिना ओबीसी आरक्षण के ही अगले साल नगर निकाय चुनाव झारखंड सरकार करायेगी. पंचायत चुनाव भी राज्य में बिना ओबीसी आरक्षण के ही इस साल कराया गया था,उसी तर्ज पर नगर निकाय चुनाव भी कराया जायेगा. सरकार के निर्देश पर नगर विकास विभाग ने इस आशय का प्रस्ताव तैयार किया है,जिस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंजूरी मिल गयी है. जल्द ही इसे मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृति लिए जाने की संभावना है. राज्य में नगर निकाय चुनाव अगले वर्ष 2023 में संभावित हैं. नगर विकास विभाग ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पेशल लीव अपील में राहुल रमेश बनाम महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य में पारित न्यायादेश के आलोक में नगरपालिका निर्वाचन 2023 का प्रस्ताव बनाया है.
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही राज्य निर्वाचन आयोग ने झारखंड को निर्वाचन में पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण एवं आवंटन के संबंध में निर्णय लिए जाने के लिए पत्र लिखा था,जिसपर सम्यक विचार कर प्रस्ताव तैयार किया गया है. झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा-16 एवं नियमावली 2012 के नियम 5 से नौ के अधीन स्थानों एवं पदों के संबंध में जिला दंडाधिकारी,राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किये जाने वाले आरक्षण एवं आवंटन की कार्रवाई करते समय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश को ध्यान में रखते हुए पिछड़ा वर्ग को खुले श्रेणी अर्थात अनारक्षित मानते हुए आरक्षण एवं आवंटन की कार्रवाई की जायेगी. 2023 में होने वाले निर्वाचन को आम निर्वाचन मानते हुए पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या को अन्य श्रेणी में शामिल करने के बाद आरक्षण एवं आवंटन तथ महिला आरक्षण के चक्रानुक्रम की कार्रवाई की जायेगी. इसके बाद सभी नगरपालिकाओं में नाम-निर्देशन से लेकर अन्याय निर्वावन की सभी प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी. ऐसे मे पूर्व में प्रकाशित जिला,राज्य गजट में आरक्षण-आवंटन की कार्रवाई संशोधित करते हुए जारी किया जायेगा.

राज्य में नगर निकायों का हाल
राज्य में 49 नगर निकाय हैं जिसमें अभी 10 जिलों के 13 नगर निकायों में चुनाव 2020 से ही लंबित हैं. इन नगर निकायों में कुल 311 वार्ड पार्षद, तीन महापौर,11 अध्यक्ष इत्यादि के लिए मतदान होना है वहीं,नगर निकायों के पांच वार्डो के लिए उपचुनाव कराया जाना है. इन निकायों में 2015 में चुनाव हुए थे. वर्ष 2020 से ही इन नगर निकायों में चुनाव टलता रहा है. कोविड संक्रमण की आशंका के कारण प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद चुनाव नहीं कराया जा सका था. नगर निकायों का लंबित चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग तैयारी भी पूरी कर चुका है. चुनाव पिछली बार की तरह इस बार दलीय आधार पर नहीं होगा. इन नगर निकायों में वार्डो के परिसीमन और आरक्षण का काम भी पूरा हो गया है,लेकिन अब नये सिरे आरक्षण तय किया जायेगा,जिसमें ओबीसी को आरक्षण कोटि से बाहर रखा जायेगा.

यहां चुनाव लंबित हैं
ओबीसी को आरक्षण कोटि से बाहर रखने के बाद नयी मतदाता सूची का गठन कर पूरे राज्यभर में चुनाव की घोषणा की जायेगी. इसके अलावा अभी जिन 13 नगर निकायों में चुनाव होना है ,उनमें पांच नये नगर निकाय हैं. नवगठित गोमिया,बड़की सरैया, हरिहरगंज, धनवार, महगामा नगर परिषद में पहली बार चुनाव होना है वहीं बचरा में भी चुनाव होता पर इसे नगर पंचायत को सरकार ने विघटित कर ग्राम पंचायत में शामिल कर दिया है. निकाय चुनाव की बात करें तो धनबाद,चास नगर निगम, विश्रामपुर, झुमरीतिलैया, गोमिया,चक्रधरपुर नगर परिषद, कोडरमा,बड़की सरैया, मझिआंव,धनवार,हरिहरगंज,महगामा में चुनाव होंगे.

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