JharkhandRanchi

अरगोड़ा पिपरटोली में खपरैल घरों को तोड़ने का नोटिस वापस ले नगर निगम, अन्यथा जोरदार आंदोलन: अजय नाथ शाहदेव

Ranchi : रांची के अरगोड़ा पिपरटोली में कई खपरैल आवासों को नगर निगम ने अवैध बताते हुए नोटिस भेजा है. इसपर लोग गुस्से में हैं. रांची के पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय नाथ शाहदेव ने नगर निगम के नोटिस को नाजायज बताते हुए कहा है कि अगर निगम ने आम लोगों को भयभीत करने वाली कार्यशैली में बदलाव नहीं लाया तो कांग्रेस पार्टी निगम का घेराव करेगी.

Advt

अजय नाथ शाहदेव बुधवार को अरगोड़ा के पिपरटोली पहुंचे थे. उन्होंने लोगों से कहा कि नोटिस डरने की कोई जरूरत नहीं है. किसी भी व्यक्ति का खपरैल घर नहीं टूटने दिया जायेगा.

नगर निगम की स्थापना से वर्षों पहले से अनेक गांव नगर निगम की परिधि में बसे हुए हैं. वर्षों पहले से बने मकानों के स्वीकृत नक्शा की मांग करना न्यायोचित नहीं है.

इसे भी पढ़ें:पेट्रोल पर 250 रुपये की सब्सिडी के सरकार के फैसले को आजसू पार्टी ने बताया दिखावा, कहा- अपरिपक्व निर्णय

अपनी खतियानी जमीन पर वर्षों से खपरैल मकान बनाकर जीवन यापन करने वाले गरीब आदिवासियों और निवासियों के घरों की एक भी ईंट उजड़ने नहीं दी जायेगी.

शाहदेव ने लोगों को आश्वस्त किया उन्हें नोटिस से भयभीत होने की जरूरत नहीं है. वे नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से बात कर इसका समाधान करायेंगे.

जरुरत पड़ी तो मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखेंगे. महानगर कांग्रेस अध्यक्ष संजय पांडे ने कहा कि लोगों के हक की लड़ाई में कांग्रेस के सिपाही हमेशा साथ खड़े हैं. नगर निगम के अधिकारी लोगों में बिना वजह भय का माहौल न बनाएं.

इसे भी पढ़ें:BIG DECISION: 13 अनुसूचित जिलों में जिलास्तरीय पदों पर मात्र स्थानीय लोगों की नियुक्ति का नियम समाप्त

वार्ड 36 की पार्षद सविता कुजूर ने कहा कि खपरैल घरों को नोटिस भेजने की बात समझ से परे है. पार्षद झरी लिंडा ने कहा कि गरीबों को प्रताड़ित करने का नगर निगम का कृत्य बर्दाश्त करने योग्य नहीं है.

बुधवार को पिपरटोली में नगर निगम के नोटिस पर विरोध जताने के लिए जुटे लोगों में महानगर कांग्रेस के दीपक ओझा, कांग्रेस ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदीप साहु, अरगोड़ा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कार्तिक साहु, राजकुमार साहू, दीपक तिग्गा, राजु तिग्गा, राजकुमार उरांव, कार्तिक साहु, रौशन तिर्की, राजेश कुजुर, अरविंद बाखला भी शामिल थे.

इसे भी पढ़ें:21 सालों में 89 पंचायतों में गांव की सरकार को नहीं मिल सका अपना सचिवालय

Advt

Related Articles

Back to top button