न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मुंबई : अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको भी

196

Mumbai  :   मुंबई की विक्टोरियन गोथिकऔर आर्ट डेको इमारतों के भव्य क्लस्टर को शनिवार को  यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया गया.  एलिफेंटा गुफाओं और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन (विक्टोरिया टर्मिनस) के बाद  विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया जाना मुंबई को मिला तीसरा ऐसा सम्मान है.  यूनेस्को ने ट्वीट किया, अभी-अभी यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया गया.  मुंबई का विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेकोएनसेंबल्स। भारत को बधाई.  यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 42वें सत्र में यह फैसला किया गया. यह बैठक बहरीन के मनामा में चल रही है.  पिछले साल गुजरात के अहमदाबाद को विश्व धरोहर शहर घोषित किया गया था.  अहमदाबाद विश्व धरोहर शहर घोषित किया जाने वाला भारत का पहला शहर है.

इसे भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट में निकाह हलाला का विरोध करेगी सरकार

बांबे हाईकोर्ट का भवन विक्टोरियन गोथिक शैली का बेहतरीन उदाहरण 

पीले बैंगनी और नीले रंगों में रंगी आर्ट डेको बिल्डिंग मुंबई के मरीन ड्राइव पर तीन किलोमीटर के दायरे मे हैं.  ज्यादातर भवन अधिकतम पांच मंजिल के हैं.  इन भवनों में घुमावदार सीढ़ियां, खूबसूरत बरामदे और संगमरमर की फर्श इसकी विशेषताएं हैं.  बता दें  कि  दक्षिण मुंबई में स्थित विक्टोरियन गोथिक आर्ट डेको के भवनों को मियामी के बाद दुनिया की सबसे बड़ी भवन श्रंखला में शामिल किया गया है.  बांबे हाईकोर्ट का भवन विक्टोरियन गोथिक शैली का बेहतरीन उदाहरण है. ये भवन में विशाल मैदान के आसपास स्थित हैं इनका निर्माण 19वीं सदी में हुआ था.  बांबे हाईकोर्ट के भवन का निर्माण 1871 में आरंभ हुआ और 1878 में पूरा हुआ.  तब 16.44 लाख में बने इस भवन के वास्तुविद जेए फुलेर थे.  मैदान के पश्चिमी इलाके में स्थित आर्ट डेको भवनों का निर्माण 1930 से 1950 के बीच हुआ है.  मुंबई की आर्ट डेको बिल्डिंग में आवासीय भवन, व्यवसायिक दफ्तर, अस्पताल, मूवी थियेटर आदि आते हैं.  इसी क्षेत्र में रीगल और इरोस सिनेमा घर हैं। इरोज सिनेमा का भवन आर्ट डेको शैली का बेहतरी उदाहरण है.  इस सिनेमाघर में 1,204 लोगों की बैठने की क्षमता है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: