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पलामू के नौ सैनिक की मौत को मुंबई पुलिस ने बताया आत्महत्या, भड़के परिजनों ने फिर की सीबीआइ जांच की मांग

पुलिस का दावा, कर्ज से परेशान होकर सूरज ने की खुदकुशी

Palamu : चैनपुर थाना क्षेत्र के पूर्वडीहा के कोल्हुआ निवासी नौ सैनिक सूरज कुमार दुबे (27) की मौत को महाराष्ट्र की पालघर पुलिस ने आत्महत्या करार दिया है. पुलिस का कहना है कि सूरज कर्ज से परेशान था. इसी वजह से उसने स्वयं पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी. महाराष्ट्र पुलिस के इस दावे के बाद मृतक सूरज के परिजन भड़क गये हैं. उन्होंने फिर से मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है.

मुंबई पुलिस के खुलासे पर परिजनों को ऐतराज

मुंबई पुलिस द्वारा नौसैनिक सूरज कुमार दुबे की हत्या मामले को आत्महत्या बताए जाने पर परिजनों ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है. भाई नीरज कुमार दुबे ने कहा कि मुंबई पुलिस की जांच रिपोर्ट सत्य से परे है. अगर सूरज कर्ज से परेशान था और आत्महत्या का मन बना रखा था तो वह घर से हैदराबाद और फिर मुंबई क्यों जाता? वह चाहता तो अपने गृहक्षेत्र में भी कहीं भी यह स्टेप ले सकता है, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. मुंबई पुलिस की जांच रिपोर्ट गलत है. मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी जानी चाहिये. उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही मुंबई पुलिस पर भरोसा नहीं था, इसलिए वह मामले की जांच सीबीआई से कराने पर अड़े थे.

क्या कहती है मुंबई पुलिस की जांच रिपोर्ट?

महाराष्ट्र के पालघर एसपी दत्तात्रय शिंदे ने बुधवार को मीडिया को बताया कि सीसीटीवी फुटेज और दूसरी जांच ये इशारा करती है कि सूरज ने कर्ज से परेशान होकर सुसाइड कर लिया. उन्हें एक पेट्रोल पंप से डीजल खरीदते हुए भी देखा गया. पुलिस के मुताबिक मौत से पहले सूरज ने अपने बयान में अपहरण और जिंदा जलाने की जो भी बातें बताई थीं वे गलत साबित हुई हैं.

लाखों रूपये कर्ज ले रखा था सूरज: एसपी

एसपी ने कहा कि सूरज ने लाखों रुपए का कर्ज ले रखा था. वे उसे वापस नहीं कर पा रहे थे. उधारी से बचने के लिए उन्होंने खुद को आग लगा ली, इससे वे गंभीर रूप से झुलस गए. बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पहले सूरज ने कहा था कि कुछ लोग उनका अपहरण कर के चेन्नई एयरपोर्ट से पालघर लाए. वे उन्हें जिंदा जला रहे थे कि कुछ लोगों ने देख लिया और आरोपी अधजली हालत में छोड़कर वहां से भाग गए.

100 पुलिसकर्मियों ने जांच की, 6 लोगों की टीम चेन्नई गई थी

एसपी के मुताबिक, सूरज की मौत की जांच के लिए 100 पुलिसकर्मियों को लगाया गया था. इनमें से 6 लोगों की टीम चेन्नई गई थी. उन्हें जो सीसीटीवी फुटेज मिले उनमें सूरज आराम से एयरपोर्ट के बाहर टहलते हुए नजर आ रहे थे. पुलिस को एटीएम, बस स्टॉप, होटल और दूसरी जगहों पर लगे सीसीटीवी के फुटेज में भी सूरज अकेले घूमते हुए नजर आए.

महाराष्ट्र के तलासरी के पेट्रोल पंप पर सूरज डीजल खरीदते हुए दिखे थे: पुलिस

पुलिस के मुताबिक सूरज पर शक तब बढ़ा जब वे महाराष्ट्र के तलासरी के पेट्रोल पंप पर बोतलों में डीजल लेते हुए कैमरे में दिखे. इसके बाद पुलिस ने यहां आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने इस तरह की घटना की जानकारी नहीं होने की बात कही. हालांकि, पुलिस ने यह भी कहा कि अभी भी इस मामले की जांच जारी है. किसी तरह का नया सुराग मिलने पर नए सिरे से जांच की जाएगी.

पूरा था पूरा मामला?

सूरज 2 जनवरी को छुट्टी पर अपने घर पलामू आए थे. 30 जनवरी को वे पलामू से कोयंबटूर जाने के लिए निकले थे. कोयम्बटूर यूनिट में उनकी रिपोर्टिंग थी. बस से रांची जाने के बाद वे शाम 4.15 बजे फ्लाइट से हैदराबाद गए. हैदराबाद से उनकी चेन्नई की फ्लाइट थी, फिर चेन्नई से कोयंबटूर ट्रेन से जाना था.

हैदराबाद पहुंचने पर करीब 6.45 बजे घरवालों से सूरज की आखिरी बात हुई थी. इसके बाद सूरज का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया. जब अगले दिन भी सम्पर्क नहीं हुआ तो घरवाले परेशान हो गए और सूरज की खोजबीन शुरू की गई. बाद में 1 फरवरी को सूरज के परिजन ने पलामू के चैनपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसके बाद 5 फरवरी को सूरज जली हुई हालत में पालघर के जंगल में मिले. उन्हें पुलिस ने हॉस्पिटल में एडमिट करवाया था, जहां इलाज के दौरान 6 फरवरी सूरज ने दम तोड़ दिया.

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