BusinessNational

मुकेश अंबानी की रिलायंस किसी एक तिमाही में 10,000 करोड़ कमाने वाली पहली निजी कंपनी

NewDelhi : रिलायंस इंडस्ट्रीज लि (आरआईएल) किसी एक तिमाही में 10,000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाने वाली निजी क्षेत्र की पहली कंपनी बन गयी है खबरों के अनुसार प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लि (आरआईएल)  ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 10,251 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है. कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार पेट्रोरसायन, खुदरा और दूरसंचार कारोबार से रिकॉर्ड आमदनी की वजह से कंपनी अपने रिफाइनरी मार्जिन में आयी गिरावट की भरपाई करने में सफल रही. पेट्रोलियम से लेकर दूरसंचार सहित कई कारोबार करने वाली आरआईएल का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 8.8 प्रतिशत बढ़कर 10,251 करोड़ रुपये या 17.30 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया. इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में मुनाफा 9,420 करोड़ रुपये या 16 रुपये प्रति शेयर रहा था.

यह निजी क्षेत्र की किसी कंपनी का सबसे ऊंचा तिमाही मुनाफा है. इससे पूर्व सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन आयल कॉरपोरेशन (आईओसी) किसी तिमाही में दस हजार करोड़ रुपये से अधिक सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी है. आईओसी ने 2012-13 की जनवरी-मार्च तिमाही में 14,512.81 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया था.

 6,400 शहरों में कंपनी के 9,907 स्टोर, जियो के उपभोक्ता 28.01 करोड़

कंपनी के खुदरा कारोबार का कर पूर्व लाभ 210 प्रतिशत बढ़कर 1,512 करोड़ रुपये हो गया. देश के 6,400 शहरों और कस्बों में कंपनी के 9,907 स्टोर हैं. समूह की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो का एकल शुद्ध लाभ तिमाही के दौरान 65 प्रतिशत बढ़कर 831 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. इस दौरान कंपनी के उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 28.01 करोड़ हो गयी जो सितंबर तिमाही के अंत तक 25.23 करोड़ थी. जियो की प्रति ग्राहक औसत आय (एआरपीयू) मामूली घटकर 130 रुपये प्रति माह रह गई, जो इससे पहले 131.7 रुपये थी.  कंपनी को प्रत्येक बैरल कच्चे तेल को ईंधन में बदलने पर 8.8 डॉलर की कमाई हुई.

advt

पिछले साल अक्टूबर-दिसंबर 2017 की तिमाही में कंपनी का सकल रिफाइनिंग मार्जिन 11.6 डॉलर प्रति बैरल था. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का सकल रिफाइनिंग मार्जिन 9.5 डॉलर प्रति बैरल रहा था.  तीसरी तिमाही में कंपनी के तेल एवं गैस कारोबार का कर पूर्व घाटा कम होकर 185 करोड़ रुपये पर आ गया जो दूसरी तिमाही में 480 करोड़ रुपये और पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 291 करोड़ रुपये पर था.

इसे भी पढ़ेंः सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, लोकपाल पर फरवरी अंत तक नाम की सिफारिश करे समिति, प्रशांत भूषण को फटकारा

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button