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जॉब सिक्योरिटी की वजह से IIT मुंबई से एमटेक श्रवण ने चुनी रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी

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Ranchi : जॉब सिक्योरिटी की बात कहें या फिर नौकरी जाने का डर, आइआइटी से मास्टर इन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई किए श्रवण कुमार ने रेलवे के ग्रुप डी को करियर के रूप में चुना है.

उन्होंने भारतीय रेलवे के धनबाद डीवीजन में बतौर ट्रैक मेंटेनर ज्वाइन किया है. यह पोस्ट ट्रैकमैन के रूप में सबसे ज्यादा जाना जाता है.

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सीनियर अधिकारियों को हो रहा आश्चर्य

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक पटना पालीगंज के रहने वाले श्रवण कुमार ने आइआइटी मुंबई से बीटेक, एमटेक की डूअल डिग्री हासिल की है. उन्हें धनबाद डीवीजन के चंद्रपुरा में पब्लिक वर्क्स इंस्पेक्टर के अंदर पोस्टिंग दी गयी है.

उन्हें चंद्रपुरा से लेकर तेलो तक के रेलवे ट्रेक की देखरेख करनी है. जहां श्रवण की पोस्टिंग हुई है, वहां के सीनियर अधिकारियों इतने उच्च शिक्षित व्यक्ति के डी ग्रुप में आने को लेकर आश्चर्य भी कर रहे हैं. खुद अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने ऐसा कभी सोचा नहीं था कि डी ग्रुप में नौकरी सुरक्षित होने के नाम पर हायली एजुकेटेड लोग आयेंगे.

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क्या कहना है श्रवण का

श्रवण बताते हैं कि उन्होंने 2010 से 2015 के बीच आइआइटी मुंबई से डूअल डिग्री प्रोग्राम किया है. वे शुरू से ही सरकारी नौकरी करना चाहते थे. उनके कई आइआइटियन दोस्तों ने प्राइवेट जॉब के लिए कहा, लेकिन उन्होंने भी श्रवण कुमार की इच्छा के सामने घूटने टेक दिये.

श्रवण के अनुसार कोई नौकरी छोटी या बड़ी नहीं होती, बस जीवन में जो अवसर मिले उसे छोड़ना नहीं चाहिए. मेट्रोलॉजी एंड मैटेरियल साइंस में एमटेक श्रवण की पोस्टिंग 30 जुलाई को हुई है.

कैंपस जॉब के बारे कहा कि 2015 में डूअल डिग्री कोर्स पूरा करने के बाद कई कंपनियां कैंपस सिलेक्शन के लिए आयी थी. लेकिन वे जिस तरह का जॉब ऑफर कर रही थी, उसमें जॉब सिक्योरिटी को लेकर संशय था.

वे तमाम कंपनियां जो जॉब ऑफर कर रही थी, वे नन कोर सेक्टर की थी. जबकि मुझे ऐसे सेक्टर में जाना था जिसे कोर सेक्टर कहा जाता है. श्रवण के बड़े भाई रंजीत कुमार पटना में पीडब्ल्यूडी में नौकरी करते हैं.

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