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सांसद रविंद्र राय ने सीएम को लिखी चिट्ठी, कहा- प्लस-2 स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति रद्द की जाये

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Ranchi: कोडरमा सांसद डॉ. रविंद्र कुमार राय ने मुख्यमंत्री को एक चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में उन्होंने साफ तौर से कहा है कि प्लस-2 स्कूलों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति जो जेएसएससी की तरफ से की गयी है, उसकी सूची कुछ ही दिनों पहले जारी की गयी है. जारी सूची से साफ झलकता है कि इसमें 76 से 80 फीसदी झारखंड के नहीं बल्कि बाहर के लोगों की नियुक्ति हुई है. साथ ही परीक्षा होने से लेकर रिजल्ट आउट होने तक की पूरी प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितता के आरोप लग रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर ऐसी बात है तो यह दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण, अविश्वसनीय और असहनीय है. अपनी बात रखते हुए बीजेपी सांसद ने सीएम से सूची रद्द करने का आग्रह किया है. जानिए क्या कहा डॉ. रविंद्र कुमार राय ने अपनी चिट्ठी में.

यह एक ऐतिहासिक भूल

बीजेपी के सांसद डॉ. रविंद्र कुमार राय ने अपनी चिट्ठी में सीएम से कहा है कि आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि झारखंड सरकार ने उच्च विद्यालयों में पठन-पाठन की स्थिति को सुधारने के लिए कई सालों से रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति का निर्णय लिया. दिसंबर महीने के शुरुआत में प्रक्रिया में सफल अभ्यर्थियों की सूची प्रकाशित की गयी. समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया में यह समाचार आया है कि चयनित शिक्षकों की सूची में 76% से 80% अभ्यर्थी झारखंड राज्य के बाहर के हैं. विशेषकर वैसे 11 जिलों में जहां स्थानीयता को लागू नहीं किया गया. यदि यह सही है तो बहुत ही दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण, अविश्वसनीय और असहनीय है.

जब बीडीओ-सीओ बन सकते हैं तो टीचर क्यों नहीं

अपनी चिट्ठी में सांसद ने कहा है कि सरकार के संज्ञान में में यह लाना चाहता हूं कि झारखंड लोक सेवा आयोग के द्वारा ली गई परीक्षा में झारखंड के शिक्षित युवा बीडीओ-सीओ और पुलिस अवर निरीक्षक पद की योग्यता सिद्ध कर सकते हैं और उनका चयन हो सकता है. तो यह समझ से परे है कि लाखों बीएड पास और प्रशिक्षित छात्रों में शिक्षक पात्रता परीक्षा में मात्र कुछ हजार पद के लिए योग्य विद्यार्थी नहीं मिले. माननीय मुख्यमंत्री जी यह एक ऐतिहासिक भूल होगी कि झारखंड के छात्रों नौजवानों के हितों की रक्षा करने में हम असफल होंगे. यदि यह सच है कि 76% से अधिक सफल अभ्यर्थी की संख्या झारखंड से बाहर की है, तो मेरा विनम्र आग्रह है की तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को रोक दिया जाये.

लग रहे हैं अनियमितता के कई आरोप

आगे लिखते हुए सांसद ने कहा है कि चयनित प्रक्रिया पर पारदर्शिता जांच प्रक्रिया शुरू की जाये. इस प्रकार की सूची को रद्द किया जाये. चूंकि इस चयन पर कई अनियमितता के जैसे जाली प्रमाणपत्र और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव जैसे आरोप लग रहे हैं. मेरा अनुरोध है कि वर्ग 2, 3 और 4 के नियुक्ति में स्थानीयता का प्रावधान झारखंड के सभी 24 जिलों में लागू किया जाये. जिससे कि भविष्य में ऐसी भ्रामक स्थिति का निर्माण नहीं हो. मैं आपका ध्यान एक और बिंदू की तरफ आकर्षित करना चाहता हूं कि ऐसे विद्यालयों के लिए चयनित शिक्षकों का विरोध के स्वर सुनाई दिये और बेरोजगारों में काफी तीखी प्रतिक्रिया है. संभव है कि चयनित व्यक्तियों को योगदान में स्थानीय स्तर पर विरोध का निर्माण हो सकता है.

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