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बाबा धाम में भक्तों का प्रवेश रोकने के खिलाफ सांसद निशिकांत उपवास पर

Ranchi. कोरोना के फेर में अबकी भी देवघर में सावन मेला नहीं लगेगा. राज्य सरकार ने इस संबंध में फैसला लिया है. संभावित तीसरी लहर के खतरे को रोकने की खातिर यह कदम उठाया गया है. भक्तों से बाबा बैद्यनाथ के दरबार में नहीं आने की अपील शुरू की जा रही है. यहां तक कि इसके लिए देवघर में भक्तों को मंदिर जाने से रोकने को 45 से अधिक ड्राप गेट लगाये जा रहे हैं. जिले को 800 पुलिस बल भी मुहैया कराया जा चुका है. सांसद निशिकांत दुबे सरकार के इस फैसले से सहमत नहीं दिख रहे हैं. गुरुवार को वे इस निर्णय के खिलाफ उपवास करेंगे.

सांसद ने कहा, लोगों को भूखे मारने की साजिश

निशिकांत दुबे ने ट्विटर पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. कहा है कि देवघर और बासुकीनाथ के गरीबों और आम लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है. बाबा दरबार में आने से भक्तों को सरकार रोकने में लगी है. इससे इन दोनों जगहों के लोगों के सामने आर्थिक संकट और भूखमरी की स्थिति पैदा हो जायेगी. सावन और इस सीजन में देवघर, बासुकीनाथ आने वालों के भरोसे ही यहां के स्थानीय लोग जीवन यापन करते हैं. ऐसे में सरकार के इस फैसले के खिलाफ वे उपवास करेंगे.

रथयात्रा पर भी था प्रतिबंध

गौरतलब है कि भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की भी अनुमति राज्य सरकार ने पिछले दिनों नहीं दी थी. कोरोना के संभावित खतरे और उसके प्रसार की आशंका को देखते हुए सरकार ने इस संबंध में फैसला लिया था. पिछले साल भी सावन मेला, रथयात्रा की अनुमति नहीं दी थी. इस साल फिर से सरकार की ओर से लिए गये इस फैसले का प्रदेश भाजपा नेताओं ने विरोध किया था. सांसद दीपक प्रकाश, निशिकांत दुबे, पूर्व सीएम रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी सहित अन्य ने कहा था कि कोरोना प्रोटोकॉल को मेंटेन करते हुए रथयात्रा की अनुमति दी जा सकती थी. सावन मेला का आयोजन भी जरूरी गाइडलाइन के साथ किया जा सकता है.

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