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सांसद-विधायक ने कहाः चाईबासा डीडीसी हैं IAS अफसर, जूनियर अफसर कैसे कर सकते  हैं जांच

Ranchi: चाईबासा के डीडीसी आदित्य रंजन के खिलाफ जारी जांच पर पश्चिमी सिंहभूम के सांसद गीता कोड़ा और मझगांव के विधायक निरल पूर्ति ने सवाल उठाया है. उनका कहना है कि डीडीसी आदित्य रंजन एक आइएएस हैं. डीसी ने जो जांच कमेटी बनायी है, उसमें उनसे कनीय अफसर हैं. इसलिए जांच सही तरीके से होगा, इसकी उम्मीद नहीं की जा सकती.

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आदित्य रंजन को अश्वनि मिश्रा ने पहुंचायी लाभ

पश्चिमी सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि डीडीसी उस अश्वनि मिश्रा की गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उनसे पहले से जुड़ा हुआ है. आदित्य रंजन के चाईबासा में पोस्टिंग के बाद अश्वनि मिश्रा को चाईबासा में कई काम मिले.

इससे साफ पता चलता है कि आइएएस आदित्य रंजन से पहचान का लाभ अश्वनि मिश्रा को मिला. इन बातों के खुलासे के बाद जो जांच टीम बनी है, वह सही तरीके से जांच कर पायेंगे, इसमें संदेह है. जूनियर पदाधिकारी पर बहुत तरह का दवाब रहता है. चूंकि डीसी ने जांच कमेटी बनायी है, यह पूरा मामला सीएम के संज्ञान में भी है. उन्हें पूरे मामले में जांच करके कार्रवाई करनी चाहिए.

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मझगांव के विधायक निरल पूर्ति ने कहा कि जूनियर पदाधिकारियों के स्तर से जांच कराने के कारण जांच पर संदेह होना स्वाभाविक है. सरकार को चाहिए कि पूरे मामले की जांच किसी सीनियर अधिकारी से करायी जाये.

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न्यूजविंग ने प्रकाशित किये हैं कई खबर

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों न्यूज विंग ने चाईबासा डीडीसी, उनका स्कॉर्पियो, ठेकेदार अश्वनि मिश्रा, आंगनबाड़ी योजना समेत अन्य मामलों को लेकर खबर प्रकाशित किया था. जिसके बाद डीसी ने दो जांच कमेटी बनायी है. पहली कमेटी, इस बात की जांच करेगी कि आखिर किस टेंडर के आधार पर डीडीसी आदित्य रंजन अश्वनि मिश्रा की गाड़ी उन्हें दी गयी थी.

गाड़ी के एवज में जो किराया  अश्वनि मिश्रा को मिलता है, वो दूसरे जिलों में मिलने वाले किराये से कम या ज्यादा है. क्या अश्वनि मिश्रा एनआरईपी, जिला परिषद, विशेष प्रमंडल, झालको, लघु सिंचाई, आरईओ इत्यादि में रजिस्टर्ड हैं.

टीम में जिला के एसी, डीटीओ, सदर डीएसपी और कोषागार पदाधिकारी सदस्य हैं. साथ ही जिले के डायरेक्टर डीआरडीओ को भी जांच में आवश्यक सहयोग देने का निर्देश दिया है.

आंगनबाड़ी के काम को लेकर भी बनायी है अलग जांच टीम

वहीं आंगनबाड़ी में अश्वनि मिश्रा को काम मिलने के आरोप पर भी डीसी ने एक अलग जांच टीम बनायी है. कमेटी से कहा गया है कि अश्वनि मिश्रा जिले के टोंटो, सदर चाईबासा, खूंटपानी, झींकपानी, बंदगांव, हाटगम्हरिया, चक्रधरपुर, तांतनगर, जगन्नाथपुर, नोवामुंडी, मंझारी, मंझगांव, कुमारडुंगी और गोईलकेरा में मॉडल आंगनबाड़ी बनाने का काम कर रहे हैं. इन सभी आंगनबाड़ियों का भौतिक सत्यापन हो. भौतिक सत्यापन का जिम्मा हर प्रखंड के प्रमुख, सीओ, बीडीओ और संबंधित पंचायत के मुखिया को दिया गया है. दोनों जांच में डीसी ने आदेश दिया है कि जितनी जल्दी हो सके जांच कर रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाये.

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