न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सांसद महेश पोद्दार ने दिया रांची स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने का सुझाव

सीएम को लिखा पत्र, पहले चरण में पतरातू, रामगढ़, जैनामोड़ को शामिल करने का सुझाव

197

Ranchi : राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र लिखकर राजधानी रांची के आसपास के क्षेत्रों को शामिल कर रांची स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) विकसित करने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में उन्होंने प्रथम चरण में पतरातू, रामगढ़ होते हुए जैनामोड़ तक के क्षेत्र को रांची एससीआर के तौर पर चिह्नित करके राजधानी के विस्तार और विकास की समुचित योजना बनाने का सुझाव दिया है. उन्होंने सैद्धांतिक सहमति बनने पर विशेषज्ञ संस्थाओं को इस काम की जिम्मेदारी देने का भी सुझाव दिया है.

अपने पत्र में महेश पोद्दार ने कहा है कि नगर योजना दीर्घकालिक लक्ष्यों और जरूरतों को ध्यान में रखकर ही बनायी जाती है. जिस हिसाब से राजधानी रांची की आबादी बढ़ रही है, नये इलाके विकसित हो रहे हैं, आस-पास के कई नये इलाके स्वतः इस शहर से जुड़ते चले जायेंगे. यदि यह अनियोजित तरीके से हुआ, तो भविष्य के लिए समस्याओं का सृजन करेगा, जिनमें से कई का साक्षात्कार हम अभी ही राजधानी रांची में कर रहे हैं. दूसरी तरफ यदि यह नियोजित तरीके से सरकार प्रायोजित हुआ, तो विस्तार व्यवस्थित और दीर्घजीवी होगा. यदि सबकुछ वैज्ञानिक तरीके से हुआ, तो हम देश और दुनिया के लिए नया उदाहरण पेश कर सकते हैं. शायद यही वजह है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की संकल्पना स्वीकार गयी, जो राष्ट्रीय राजधानी को उन्नत, प्रगतिशील और जनोपयोगी स्वरूप देने में सफल साबित हुई है.

इसे भी पढ़ें- बोफोर्स से भी बड़ा घोटाला है राफेल सौदा: प्रशांत भूषण

रामगढ़ छावनी परिषद् क्षेत्र में हो नागरिक स्वशासी नगर निकाय का गठन

SMILE

श्री पोद्दार ने एक अन्य पत्र के जरिये मुख्यमंत्री से रामगढ़ छावनी परिषद् क्षेत्र में नागरिक स्वशासी नगर निकाय के गठन का भी अनुरोध किया है. पत्र में उन्होंने कहा है कि संविधान के 74वें संशोधन में निहित प्रावधानों के अनुसार राज्य के प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में स्थानीय नागरिक स्वशासन का गठन अनिवार्य है. रामगढ़ शहर की जनता आंशिक तौर पर ही सही, इस संवैधानिक अधिकार से वंचित है, क्योंकि यह शहर छावनी परिषद् क्षेत्र है. यह सही है कि छावनी परिषद् में भी स्थानीय नागरिकों को सीमित अधिकारों व दायित्वों के साथ शामिल किया जाता है, किंतु 74वें संविधान संशोधन के अनुरूप एवं नगर विकास विभाग द्वारा यथापरिभाषित निर्वाचित जनप्रतिनिधि के सारे अधिकार इन्हें प्राप्त नहीं होते. इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि स्वयं सेना मुख्यालय ने रक्षा मंत्रालय को देश के सभी कैंटोनमेंट एरिया से नागरिक क्षेत्रों को अलग रखने का प्रस्ताव भेजा है. इसके अनुसार सेना का कार्यक्षेत्र अपने कैंप एरिया तक सीमित रहेगा तथा नागरिक क्षेत्रों को स्थानीय नगर निकायों को सौंप दिया जायेगा. इससे सेना को भी अनावश्यक आर्थिक बोझ और प्रशासनिक दायित्वों से छुटकारा मिलेगा.

महेश पोद्दार ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा रक्षा मंत्रालय को इस आशय का अनुरोध भेजना प्रासंगिक होगा कि सरकार रामगढ़ में नगर निकाय की स्थापना के लिए इच्छुक है. अगर रक्षा मंत्रालय द्वारा रामगढ़ छावनी परिषद् के अंतर्गत सामान्य नागरिक क्षेत्र का प्रशासनिक दायित्व राज्य सरकार को सौंप दिया जाता है, तो संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार रामगढ़ में नगर निकाय की स्थापना की जा सकेगी.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: