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MP : किसानों को अर्द्धनग्न कर थाने में पीटा, जांच के आदेश

News Wing
Tikamgarh (MP), 04 October : 
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि टीकमगढ़ जिले को सूखा ग्रस्त घोषित करने की मांग कर रहे 25 किसानों की देहात पुलिस थाने में कथित तौर पर कपड़े उतार कर पुलिस ने जमकर पिटाई कर दी. जिला कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि पुलिस ने उनसे मारपीट नहीं की है. इसी बीच, इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने आज पुलिस महानिदेशक को इस मामले की जांच करवाकर रिपोर्ट तीन दिन में देने के निर्देश दिये हैं.

ज्ञापन के बाद पुलिस हुई आक्रामक
कांग्रेस नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री यादवेन्द्र सिंह ने आज आरोप लगाया कि टीकमगढ़ जिले में इस साल कम वर्षा हुई है. कल कांग्रेस के साथ मिलकर किसान टीकमगढ़ जिले को सूखा ग्रस्त घोषित करने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन देने गये थे. ज्ञापन देने के तुरंत बाद हमारे पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े. इसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए. इसके बाद जब प्रदर्शनकारी किसान अपने घर वापस जा रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. यही नहीं, पुलिस से उन राहगीर किसानों को भी हिरासत में ले लिया, जो इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे.

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किसानों को अर्द्धनग्न किया
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इसके बाद पुलिस इन किसानों को देहात पुलिस थाना ले गई और लॉकअप में बंद कर दिया. इसके बाद उन्होंने इन किसानों को अर्द्धनग्न किया और जमकर उनकी पिटाई कर दी.’’ वहीं इन आरोपों का खंडन करते हुए जिला कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल ने बताया, ‘‘मैंने मीडिया पर किसानों की इन तस्वीरों को देखा है. लेकिन यह जांच का विषय है कि इन किसानों ने खुद ही अपने कपड़े उतारे अथवा पुलिस ने इनके पकड़े उतारे.’’

किसानों की पिटाई नहीं की : पुलिस
अग्रवाल ने जोर देकर कहा, ‘‘पुलिस ने किसानों की पिटाई नहीं की है.’’ इसी बीच, देहात पुलिस थाना प्रभारी आर पी चौधरी ने बताया, ‘‘किसके कहने पर इन किसानों को हिरासत में लिया गया, मुझे इसकी जानकारी नहीं है.’’ चौधरी ने कहा, ‘‘मैं फील्ड ड्यूटी पर था. जब मैं थाना पहुंचा, तो मैंने इन किसानों को छोड़ दिया था. मैं नहीं जानता कि इन किसानों के कपड़े कैसे और किसने उतारे.’’

इसी बीच, इस घटना को लेकर मध्यप्रदेश के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने आनन-फानन में भोपाल में अपने निवास पर बुलाई गई प्रेस कांफ्रेन्स में आज बताया, ‘‘पुलिस महानिदेशक को इस मामले की जांच करवाने के आदेश दिये गये हैं और तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है. यह जांच का मामला है कि किसानों ने खुद ही अपने कपड़े उतारे अथवा पुलिस ने उनके कपड़े उतारे.’’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस मामले को गंभीर बताया है. उन्होंने कहा कि जांच उपरांत अगर कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि, सिंह ने जोर देकर बताया, ‘‘पुलिस थाने में किसी भी किसान की पिटाई नहीं की गई है.’’ टीकमगढ़ को सूखाग्रस्त घोषित किये जाने की मांग को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सूखा ग्रस्त जिलों की पहचान कर रही है और इस संबंध में संबंधित जिला कलेक्टर अपने-अपने जिलों में सर्वेक्षण कर रहे हैं.
 

किसानों पर बर्बरता
किसानों की पिटाई पर कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मुख्यमंत्री चौहान पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘किसान पुत्र की सरकार में मंदसौर कांड के जख्म अभी सूखे नहीं और अब टीकमगढ़ में किसानों पर बर्बरता की है. शिवराज ने दमन में अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया है.’’ उधर लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ‘‘सरकार लगातार किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है. मैं इस कृत्य की कड़ी निंदा कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की मांग करता हूं.’’ उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ में शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे किसानों को बिना कपड़ों के पुलिस लॉकअप में बंद करने की शर्मनाक घटना की वह कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.

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