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हाल रिम्स का: अभी जाइये, मशीन बनेगी तब आइयेगा

सी-आर्म मशीन खराब, बगैर ऑपरेशन के लौट रहे हैं मरीज,

Ranchi: अपनी लापरवाही की वजह से रिम्स लगातार सुर्खियों में रहा है, इस लापरवाही का खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है. ऐसा ही मामला सामने आया है. रिम्स अस्पताल के न्यूरो वार्ड में 13 मरीज ऐसे हैं, जो एक महीने से ऑपेरशन के लिए सीआर्म मशीन के रिपेयर होने का इंतज़ार कर रहे हैं.

एक सप्ताह बाद भी नहीं बनी मशीन

मशीन रिपेयर नहीं होने के कारण अब डॉक्टर मरीजों को बिना ऑपेरशन के ही यह कहकर छुट्टी दे रहे हैं, कि जब मशीन बनेगी तब बुलाएंगे. प्रबंधन ने पिछले मंगलवार को ही मशीन ठीक होने की बात कही थी. लेकिन अबतक फ़ाइल दफ्तरों के चक्कर ही काट रही है. प्रबंधन ने भरोसा दिलाया था कि एक सप्ताह में मशीन रिपेयर हो जाएगा और मरीजों का इलाज संभव हो सकेगा.

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मशीन खराब होने की वजह से मरीजों के साथ-साथ परिजन भी खुले बरामदे में सोने को मजबूर हैं. हालांकि न्यूरो सर्जरी विभाग की यह बदतर स्थिति किसी भी महानुभाव को दिखाई नहीं पड़ रही है. मरीज का इलाज भगवान भरोसे चल रहा है. मरीज के अटेंडेंट किसी तरह समय काट कर वहां से दूसरे अस्पताल में ले जाने की जुगत में रहते हैं. आर्थिक रूप से कमजोर और लाचार व्यक्ति ही रिम्स में इलाज कराने को मजबूर हैं.

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न्यूरो सर्जरी विभाग के बाहर फर्श पर दोनों ओर ठूंस-ठूंस कर मरीज लेटे पड़े रहते हैं. सभी मरीज के बगल में ही उनके अटेंडेंट बैठे हुए रहते हैं और डॉक्टरों के आने का इंतजार करते हैं. हालांकि उन मरीजों को देखने के लिए डॉक्टर तो दूर, नर्स भी सुध लेने के लिए नहीं आती हैं.

क्या है सी-आर्म मशीन

विशेषज्ञों के अनुसार सी-आर्म मशीन हड्‌डी से जुड़े ऑपरेशन के काम में आती है. ये मशीन दस लाख रुपए से शुरू होती है. इस मशीन के जरिए डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान हड्‌डी या अंदर की जगह को स्क्रीन पर देख पाते हैं. इसके जरिए माइनर से लेकर बड़ा ऑपरेशन किया जा सकता है. कौन सा स्क्रू, रोड, कहां डालनी है ये इस मशीन के आधार पर ही लगाए जाते हैं. इस मशीन के बिना ऑपरेशन करना असंभव होता है. इसीलिए सी-आर्म मशीन बहुत उपयोग होती है.

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