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यूजीसी गाइडलाइन के इंतजार में सात यूनिवर्सिटी के दो लाख से अधिक स्टूडेंट्स

Ranchi: राज्य के सात स्टेट यूनिवर्सिटी के पीजी और यूजी फाइनल इयर के स्टूडेंट्स यूजीसी की गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं. यूजी और पीजी कोर्सेस को मिलाकर राज्य की सभी स्टेट यूनिवर्सिटी में दो लाख से अधिक स्टूडेंट्स हैं.

ये स्टूडेंट्स इस बात को लेकर संशय में हैं कि उनके फाइनल इयर रिजल्ट का क्या होगा. अप्रैल में यूजीसी  की ओर से एक सामान्य गाइडलाइन जारी किया गया था जिसे बाद में रिवाइज्ड करने की बात कही गयी थी. अब राज्य के तमाम सरकारी विवि यूजीसी की गाइडलाइन का ही इंतजार कर रहे हैं.

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एकेडमिक काउंसिल की बैठक में भी नहीं हो पाया निर्णय

यूजी और पीजी कोर्स के फाइनल सेमेस्टर के स्टूडेंट्स को प्रमोट  करना है या एग्जामिनेश लेना है, इसे लेकर कोई भी विवि निर्णय नहीं ले सका है.

राज्य में नीलांबर-पीतांबर विवि, रांची विवि, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि, कोल्हान विवि, विनोबा भावे विवि, डॉ बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि, सिदो-कान्हू मूर्म विवि और झारखंड टेक्निकल विवि स्टेट यूनिवर्सिटी के दायरे में आते हैं.

इनके विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्स में लगभग दो लाख स्टूडेंट्स हैं. अब तक सभी विवि के एकेडमिक काउंससिल की बैठक हो चुकी है, लेकिन इन स्टूडेंट्स के रिजल्ट को लेकर कोई बात नहीं हो पायी है. हजारीबाग स्थिति विनोबा भावे विवि, दुमका सिद्धो कान्हू विवि और कोल्हान विवि यूजीसी गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं.

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देश में कई यूनिविर्सिटीज ने ले लिया निर्णय

विभिन्न कोर्स के लास्ट ईयर के स्टूडेंट्स के भविष्य को लेकर देश की कई यूनिवर्सिटीज ने निर्णय ले लिया है. इन्होंने वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए फैसला लिया है.

अब तक पंजाब विश्वविद्यालय,  कोलकाता विश्वविद्यालय के अलावा पटना विमेंस कॉलेज ने अपने स्टूडेंट्स को लास्ट तीन परीक्षाओं के अंक के आधार पर पास करने का निर्णय लिया है. साथ ही महाराष्ट्र, हरियाणा और महाराष्ट्र में भी लास्ट तीन परीक्षा के अंक के आधार पर स्टूडेंट्स को पास किया जायेगा. वहीं गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक आदि राज्यों ने यूजीसी को पत्र लिखकर गाइडलाइन की मांग की है.

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