न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

विश्व में हर साल तीन लाख से अधिक मौतें वायु प्रदूषण के कारण होती हैं

राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानक के अनुसार हवा में पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर से अधिक हो तो वह प्रदूषित मानी जाती है.

37

 NewDelhi : क्याा जानते हैं? वायु प्रदूषण के कारण विश्व में हर साल तीन लाख से अधिक मौतें होती हैं.  पर्यावरणविदों के अनुसार इसका प्रमुख कारण पीएम 2.5 प्रदूषक तत्व है.  बताया गया है कि राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानक के अनुसार हवा में पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर से अधिक हो तो वह प्रदूषित मानी जाती है.  बता दें कि राजधानी कॉलेज में पर्यावरण पर आधारित व्याख्यान में टेरी विश्वविद्यालय की पर्यावरणविद अंजू गोयल ने यह बात कही.  खबरों के अनुसार कॉलेज की पर्यावरण समिति द्वारा आयोजित व्याख्यान में अंजू गोयल ने कहा कि दिल्ली के 70-80 प्रतिशत क्षेत्र पीएम 10 के बढते स्तर की समस्या से जूझ रहे हैं.  इस क्रम में अंजू ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाना चाहिए.

इसे भी पढ़ेंःदेश की अर्थव्यवस्था पर चारों ओर से संकट के बादल मंडरा रहे हैं

Trade Friends
WH MART 1

भारत में पीएम 2.5 का स्तर जापान से 17 गुणा अधिक

व्याख्यान में जापान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर युताका मत्युमी नागोया भी मौजूद थीं.  इस अवसर पर प्रोफेसर युताका ने कहा कि भारत में पीएम 2.5 का स्तर जापान से 17 गुणा अधिक है.  यह मनुष्यों के फेफड़ों को प्रभावित करता है.  बता दें कि प्रो युताका ने एक उपकरण का निर्माण किया है, जिसे मोबाइल फोन से जोड़कर पीएम 2.5 के स्तर को नापा जा सकता हैं.  वह राजधानी कॉलेज के फिजिक्स विभाग से काफी वर्षों से जुड़े हुए हैं. जानकारी के अनुसार वे आने वाले समय में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इस उपकरण को पहुंचाना चाहते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like