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मॉनसून सत्रः लैंड म्यूटेशन बिल और सहायक पुलिसकर्मियों पर लाठीचार्ज को लेकर BJP का जोरदार हंगामा

पांच बार वेल में पहुंचे बीजेपी के विधायक

Ranchi: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र का दूसरा दिन हंगामेदार रहा. तीन दिनों के सत्र के दूसरे दिन पहली पाली में विपक्ष के विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर जमकर हंगामा किया. लैंड म्यूटेशन बिल और स्थायीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर बीजेपी के विधायकों ने हंगामा किया. इस दौरान भाजपा के विधायक पांच बार वेल में भी आये.

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लैंड म्यूटेशन बिल को लेकर हंगामा

बीजेपी की ओर से लैंड म्यूटेशन बिल पर सरकार को घेरने की जोरदार कोशिश की गयी. बीजेपी विधायक भानू प्रताप शाही ने सदन में इसे उठाते हुए कहा कि लैंड म्यूटेशन बिल जो कैबिनेट में आया है, उसपर सरकार अपना रुख स्पष्ट करे. साथ ही सहायक पुलिसकर्मियों पर हुए लाठीचार्ज पर भी सवाल उठाये. इस दौरान भाजपा विधायक भानू प्रताप शाही ने लैंड म्यूटेशन बिल को पूंजीपतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया बिल बताया. और कांग्रेस पर डुअल पॉलिटिक्स करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर आप बिल नहीं लायेंगे तो अध्यादेश के तौर पर इसे लायेंगे और इस दौरान कितने ही गरीबों की जमीन छीन जायेगी. वहीं सदन के बाहर बीजेपी विधायक बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस बिल के माध्यम से सरकार वैसे लोगों को संरक्षण देने में लगी जो जमीन की लूट में लगे हैं.

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वहीं बीजेपी विधायकों के हंगामे और सवाल का जवाब सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने दिया. उन्होंने कहा कि जैसे ही सरकार को लगा कि इस बिल में कुछ त्रुटियां है, बिल को रोक दिया गया है. और जब बिल सदन में लाया ही नहीं गया है, तो इस पर चर्चा की बात कहा से उठती है.

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सहायक पुलिसकर्मियों पर लाठीचार्ज पर भी उठे सवाल

सत्र के दूसरे दिन बीजेपी के विधायकों ने हेमंत सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मियों पर हुए लाठीचार्ज का मसला उठाया. बीजेपी के विधायकों अमर बाउरी और बिरंची नारायण की ओर से इसे लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव सदन में लाया गया. जिसमें सहायक पुलिसकर्मियों के स्थायीकरण और उनपर हुए लाठीचार्ज पर चर्चा की मांग की गयी.

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इसके जवाब में सीएम हेमंत सोरेन की ओर से सहायक पुलिसकर्मियों की अधिसूचना स्पीकर के माध्यम से सदन में पढ़कर सुनायी गयी. जिसमें स्पष्ट रुप से तीन साल की सेवा की बात कही गयी है. साथ ही ये स्पष्ट है कि सहायक पुलिसकर्मी स्थायीकरण का दावा नहीं कर सकते हैं. इसके बावजूद सरकार ने कहा कि आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मियों के लिए जो उचित निर्णय होगा, वो लिया जायेगा.

इसके अलावे आजसू विधायक लंबोदर महतो ने कुरमी और कुड़मी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किये जाने की मांग करते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया. वहीं पहली पाली की कार्यवाही के दौरान कैग रिपोर्ट भी सदन पटल पर रखी गयी. वहीं सदन की कार्यवाही से पहले विस के बाहर बीजेपी विधायक हाथों में तख्तियां लिये लैंड म्यूटेशन बिल का विरोध करते नजर आये.

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