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आ गया मानसून, अबतक नहीं हुए डेंगु-चिकनगुनिया से निपटने के इंतजाम

-कोरोना के साथ फैली बीमारी तो कंट्रोल करना हो जाएगा मुश्किल

Ranchi : झारखंड में मानसून की दस्तक हो चुकी है. इसके बाद रेगुलर बारिश शुरू होगी और डेंगू चिकनगुनिया फैलने का खतरा भी ज्यादा होगा. इसे लेकर हेल्थ डिपार्टमेंट के वेक्टर बार्न डिजीज (वीभीडी) और नगर निगम को साथ मिलकर इसके लिए अभियान शुरू करने का आदेश दिया गया था. लेकिन आजतक इसके लिए न तो टीम गठित हुई और न ही नगर निगम ने इसके लिए कोई तैयारी की है.

इतना ही नहीं अबतक डोर टू डोर अभियान शुरू करने को लेकर योजना भी नहीं बनाई गई है. वहीं फॉगिंग और लार्वीसाइडल का छिडकाव भी नहीं कराया जा रहा है. जबकि इसे लेकर स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने नगर विकास सचिव विनय चौबे को पत्र लिखा है. ऐसे में कोरोना के बीच अगर डेंगू-चिकनगुनिया फैल गया तो स्थिति संभालना मुश्किल हो जाएगा. वहीं कोरोना के साथ इन बीमारियों की जांच करना भी एक बड़ी चुनौती साबित होगा.

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28 मई को जारी की गई थी एडवाइजरी

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हेल्थ डिपार्टमेंट के वेक्टर बार्न डिजीज डिपार्टमेंट ने सभी जिलों को एडवाइजरी 28 मई को जारी की थी. इसमें 10 जून तक योजना तैयार कर विभाग को भेजने को कहा गया था. चूंकि नगर निकायों के साथ अभियान की शुरूआत करने का आदेश दिया गया है. लेकिन आजतक योजना ही नहीं बनी तो अभियान चलाना दूर की बात है. वहीं इससे समझा जा सकता है कि डेंगू चिकनगुनिया से निपटने को लेकर नगर निकाय कितने गंभीर है.

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खुद से रहे अलर्ट तो नहीं पनपेंगे मच्छर

वीभीडी ने तो अपनी ओर से तैयारी कर ली है और वालेंटियर भी हायर कर लिए गए है. लेकिन नगर निकायों ने अपनी योजना विभाग को अबतक उपलब्ध नहीं कराई है. ऐसे में लोगों को डेंगू-चिकनगुनिया से बचाव के लिए खुद से अलर्ट रहना होगा. इसके लिए पानी के बर्तन, कूलर, टूटे बर्तन, प्लास्टिक की खुली बोतल, छत पर जल-जमाव, छत पर खुली पानी की टंकी, घर के बाहर रखे/फेंके टायर, कचरों में खाली/टूटे बर्तनों पर नजर रखनी होगी. जहां पर पानी का जमाव न हो, चूंकि डेंगू-चिकनगुनिया के मच्छर साफ पानी में ही पनपते है.

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लक्षण दिखे तो यहां करायें टेस्ट

रिम्स, रांची
पीएमसीएच, धनबाद
एमजीएम, जमशेदपुर
सदर हॉस्पिटल, रांची
डीपीएचएल, चाईबासा
डीपीएचएल, साहेबगंज

 

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