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डायलिसिस के लिए रिम्स में वसूले जा रहे हैं पैसे

दलाल नही पूरा होने दे रहे आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य

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Ranchi:  एक ओर राज्य और केंद्र सरकार स्वास्थ के क्षेत्र में गरीबों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का दावा कर रही है वही दूसरी ओर सरकारी अस्पताल में ही गरीब मरीजों को दलाल लूट रहे हैं. राज्य में सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल रिम्स में दलालो का कब्जा है. अस्पताल में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों पर ये दलाल गिद्ध की तरह नजर गड़ाए रहते हैं. मरीजो को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के नाम पर बरगलाते हैं, जैसे ही कोई इनके  झांसे में आता है, दलाल उनसे मनमाना पैसा बसूलते हैं. डायलिसिस कराने वाले मरीजो को ये दलाल अपना ज्यादातर शिकार बनाते हैं. दरअसल डायलसिस में इस्तेमाल होने वाले समान  अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में उपलब्ध नही हैं. इसका पूरा फायदा ये दलाल उठा रहे हैं. गरीब मरीजों को डायलिसिस कराने के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है. आयुष्मान कार्डधारी हो या बीपीएल मरीज, सभी मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए पैसे देने को विवश होना पड़ रहा है. रिम्स हॉस्पिटल के हर विभाग में दलालों का कब्जा है. सप्लायरों के साथ मिल कर दलाल यहां चांदी काट रहे हैं.

कर्मचारी और नर्स भी दलालों का देते है साथ 

रिम्स पहुंचे साहिबगंज जिले के रहने वाले अशोक ठाकुर के पास गरीबी रेखा कार्ड है. अशोक ठाकुर के पास आयुष्मान भारत योजना का कार्ड भी है. बावजूद इसके रिम्स में जब वाह डायलिसिस के लिए पहुंचे तो यहां की व्यवस्था से उन्हें निराशा हाथ लगी. उनके परिजनों को आशा थी कि रिम्स में बिना शुल्क दिये अशोक ठाकुर का डायलिसिस हो जाएगा. लेकिन मजदूरी कर अपने परिवार को चलाने वाले अशोक ठाकुर को डायलिसिस के लिए 1800 रुपये चुकाने पड़े. रिम्स के ही डायलिसिस विभाग में रवि नाम के सप्लायर का नंबर लिखा हुआ है. डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों को यहां की नर्स इसी नंबर पर फोन कर समान मंगवाने के लिए कहती हैं. इससे यह साफ जाहिर हीग है कि दलालो की मदद के लिए रिम्स के ही कर्मचारी और नर्स लगे रहते हैं. अशोक ठाकुर के परिजन से पहले डायलिसिस का सामान बेचने वाले सप्लायर  से फोन पर बातचीत हुई. बात 2200 रुपये से शुरू हुई और 1800 में मामला तय हुआ. इस तरह से रिम्स में दलाल सक्रिय होकर मरीजों की जेब काटने में लगे हुए हैं और रिम्स प्रबंधन इस मामले को लेकर तमाशा देखने में मशगूल है. इसका खामियाजा कहीं ना कहीं गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है.

क्या कहता है मैनेजमेंट

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रिम्स सुप्रिटेंडेंट डॉ. विवेक कश्यप ने इस संबंध में कहा कि बीपीएल कार्डधारी और आयुष्मान भारत योजना के कार्डधारी का पूरा इलाज हॉस्पिटल में मुफ्त किया जाता है. डायलिसिस में लगने वाले सामग्री भी निःशुल्क दी जाती है.

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